
मुंबई. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि सभी वर्ग के निवेशकों के लिए 2012 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा लागू किए गए एंजल कर को हटाने से स्टार्टअप कंपनियों को निवेश आर्किषत करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि सोने और चांदी पर सीमा शुल्क 15 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत करने से न केवल छोटे कारीगरों को मदद मिलेगी, बल्कि देश के रत्न एवं आभूषण निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने बजट के बाद यहां उद्योग जगत के साथ बातचीत में कहा, ”बजट 2024-25 में एंजल कर हटा दिया गया है और इसके जरिये हम देश में निवेशकों को आर्किषत कर सकेंगे.” गोयल ने बताया कि बजट में देश में 12 औद्योगिक ‘टाउनशिप’ स्थापित करने की घोषणा की गई है. उन्होंने कहा कि इनमें से एक महाराष्ट्र में होगा और इससे रोजगार सृजन तथा उद्योग एवं व्यापार के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद मिलेगी. बजट में हीरा कारोबार को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाने की घोषणा की गई है.
भारत हीरा कटाई और पॉलिशिंग क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी है, जिसमें बड़ी संख्या में कुशल श्रमिक काम करते हैं. बजट में घोषणा की गई है कि भारत देश में कच्चे हीरे बेचने वाली विदेशी खनन कंपनियों के लिए सुरक्षित बंदरगाह दरें प्रदान करेगा. एंजल कर (30 प्रतिशत की दर से आयकर) ऐसी गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई धनराशि पर लगाया जाता था, यदि उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक होता था.



