नक्सल विरोधी अभियान का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए,पारदर्शी तरीके से संचालित किए जाएं : पायलट

रायपुर. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने सोमवार को कहा कि नक्सल विरोधी अभियान पारदर्शी तरीके से और प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने चाहिए तथा इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. पायलट दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचने के बाद यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. कांग्रेस नेता ने बताया कि वह राज्य में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे तथा संगठन के नेताओं से बातचीत करेंगे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि बरसात के मौसम में भी नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेंगे पायलट ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी हमेशा से हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ रही है. हमारे नेताओं ने इस देश और राज्य को सुरक्षित रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है. जो भी प्रभावी कार्रवाई है, वह की जानी चाहिए. कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”यह आंतरिक सुरक्षा का मामला है. इसमें किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए. जो भी कार्रवाई की जाए, वह सभी को विश्वास में लेकर की जानी चाहिए.” कांग्रेस नेता ने कहा कि कार्रवाई प्रभावी और पारदर्शी होना चाहिए और इसका कोई राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्य जो नक्सलवाद से जूझ रहे हैं उन्हें इस समस्या को खत्म करने के लिए साथ आना चाहिए. पायलट ने कहा, ”काफी विचार-विमर्श के बाद सख्त कदम उठाए जाने चाहिए. कार्रवाई पारदर्शी होनी चाहिए और जवाबदेही तय होनी चाहिए. इसका जो भी निष्कर्ष निकले, उसका लाभ जनता को मिलना चाहिए. कार्रवाई जमीनी स्तर पर होनी चाहिए सिर्फ भाषणबाजी न हो.” अपने दौरे के बारे में जानकारी देते हुए पायलट ने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई के विभिन्न प्रकोष्ठों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी लेने और भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए दो दिनों (सोमवार और मंगलवार) तक बैठकें होंगी.

उन्होंने कहा, ”मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने वर्ष 2025 को संगठन को सर्मिपत किया है. इसलिए हम बूथ से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को मजबूत करना चाहते हैं. हम दो दिन तक लगातार बैठकें करके पार्टी को नई दिशा देने का काम करेंगे.” पायलट ने कहा कि वह सोमवार रात को कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक करेंगे और विधानसभा के अगले महीने होने वाले मानसून सत्र में सत्तारूढ़ पार्टी को घेरने की रणनीति तैयार करेंगे.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button