अनुराग ठाकुर ने ओपनहाइमर फिल्म को मंजूरी देने पर CBFC से स्पष्टीकरण मांगा

नयी दिल्ली. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘ओपनहाइमर’ के एक आपत्तिजनक दृश्य को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से स्पष्टीकरण मांगा और सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया.

माना जा रहा है कि ठाकुर ने सीबीएफसी से वह डिलीट किया गया दृश्य मांगा है, जिसमें फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहा कलाकार एक दृश्य के दौरान सेक्स करते हुए कथित तौर पर भगवद गीता का श्लोक पढ.ते प्रतीत होता है. ठाकुर ने बोर्ड से इस दृश्य के साथ फिल्म को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय करने का भी निर्देश दिया है.

सूचना आयुक्त उदय महुरकर ने नोलन को खुला पत्र लिखकर दृश्य को “हिंदू धर्म को आहत करने वाला हमला” करार दिया और निर्देशक से दुनियाभर में फिल्म से यह दृश्य हटाने का अनुरोध किया. फिल्म में भौतिकविद रॉबर्ट ओपनहाइमर की भूमिका निभा रहे सिलियल मर्फी को मनोवैज्ञानिक जीन टेटलर (फ्लोरेंस प्यू) के साथ सेक्स करते हुए दिखाया गया है और उसी दौरान वह ओपनहाइमर से संभवत: संस्कृत की एक पुस्तक का श्लोक पढ.ने को कहती है, जिसका शीर्षक और कवर पृष्ठ दिखाई नहीं देता.

टेटलर के अनुरोध पर भ्रमित ओपनहाइमर टेटलर द्वारा बताया गया श्लोक पढ.ता है, जिसका अर्थ है … ”मैं ही मृत्यु, सृष्टि का संहारक हूं.” खबरों के मुताबिक, सीबीएफसी ने फिल्म को यू/ए रेटिंग दी, जिसके बाद यह 13 साल से अधिक उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त हो गई है. अमेरिका में, फिल्म को ‘आर’ यानी ‘प्रतिबंधित’ रेटिंग दी गई है, जिसका अर्थ है कि 17 वर्ष से कम उम्र के दर्शकों को माता-पिता या वयस्क अभिभावक के साथ फिल्म देखनी होगी.

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