पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन का निर्णायक जवाब दिया जाएगा: मुनीर

इस्लामाबाद/पेशावर/लाहौर. पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने मंगलवार को चेतावनी दी कि देश की क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा. रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) में 17वीं राष्ट्रीय कार्यशाला बलूचिस्तान के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुनीर ने यह भी कहा कि आतंकवादियों का पीछा करने और अशांत प्रांत को इस खतरे से मुक्त करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

सेना द्वारा जारी एक बयान में मुनीर के हवाले से कहा गया, ”पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन उसकी क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, का इसके नागरिकों के जीवन और कल्याण की रक्षा के लिए कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का गौरव है, जहां अत्यधिक जीवंत, जुझारू और देशभक्त लोग रहते हैं जो इसकी असली संपत्ति हैं.

उन्होंने जन-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से बलूचिस्तान के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को ऊपर उठाने के लिए संघीय और प्रांतीय सरकारों द्वारा की जा रही विकास पहलों पर भी प्रकाश डाला. कार्यशाला का आयोजन सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों को बलूचिस्तान के लोगों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों और उन चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराने के लिए किया गया था. बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा – जिनकी सीमा अफगानिस्तान के साथ लगती है – को आतंकवादी घटनाओं का खामियाजा भुगतना पड़ा है. इन दो क्षेत्रों में देश भर में कुल हिंसा की 96 फीसदी से अधिक हिंसक घटनाएं होती हैं.

खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने टीटीपी कमांडर पर 10 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया

पाकिस्तान की खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने मंगलवार को प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कमांडर काजिम पर 10 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया है. ऐसा माना जा रहा है कि काजिम हाल में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर की हत्या में शामिल था.

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कुर्रम जिले का निवासी काजिम पाराचिनार की ओर जा रहे सैन्य काफिलों और शिया समुदाय के यात्री वाहनों पर हमलों के पीछे भी शामिल था. उस पर कुर्रम के उपायुक्त जावेदुल्लाह महसूद की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है.

सूत्रों के अनुसार, वांछित आतंकी की पहली बार स्पष्ट तस्वीर जारी की गई है. उन्होंने कहा कि इतना बड़ा इनाम तय करने का फ.ैसला प्रांतीय सरकार द्वारा उसकी गिरफ़्तारी या सफ.ाया सुनिश्चित करने के संकल्प को दर्शाता है. सरकार ने काजिम से जुड़े तीन अन्य आतंकियों पर भी भारी इनाम घोषित किया है. वहीं, बन्नू जिले में पिछले तीन दिन में अलग-अलग घटनाओं में तीन पुलिसर्किमयों के अपहरण से स्थानीय लोगों में भय व्याप्त हो गया. बाद में इन पुलिसर्किमयों को बरामद कर लिया गया.

अक्टूबर में पाकिस्तान के पंजाब से 22,000 अफगान नागरिकों को निर्वासित किया गया
पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने अंतिम अफगान शरणार्थी शिविर को बंद कर दिया तथा प्रांत में अवैध रूप से रह रहे करीब 22,000 अफगान नागरिकों को इस महीने निर्वासित किया. पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अवैध रूप से रह रहे विदेशी (अफगान) नागरिकों को पंजाब से उनके देश भेजने के अभियान का तीसरा चरण शुरू हो गया है.

उन्होंने एक बयान में कहा, ”सरकार ने प्रांत में बिना कानूनी दर्जे के रह रहे लगभग 22,000 अफगान नागरिकों को इस महीने निर्वासित किया है.” प्रवक्ता ने बताया कि निर्वासित लोगों में 6,000 लोगों के पास निवास प्रमाण पत्र थे, 11,000 के पास अफगान नागरिक कार्ड थे और 5,041 लोग पंजाब में अवैध रूप से रहते पाए गए. वर्तमान में लगभग 423 लोगों को निर्धारित हिरासत केंद्रों पर रखा गया है.

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले महीने लाहौर से 325 किलोमीटर दूर मियांवाली के कोट चांदना में स्थित आखिरी अफगाान शरणार्थी शिविर को गैर-अधिसूचित कर दिया था. हालांकि, खैबर पख्तूनख्वा में चार और बलूचिस्तान में 10 ऐसे शिविर अब भी संचालित हैं. उन्होंने कहा कि तीसरे चरण की शुरुआत से पहले पंजाब सरकार ने पाकिस्तान की अवैध विदेशी प्रत्यावर्तन योजना (आईएफआरपी) के तहत अप्रैल से सितंबर तक लगभग 43,000 अफगान नागरिकों को वापस भेजा था. उन्होंने कहा कि सभी अवैध निवासियों को पूरी तरह से बाहर निकालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

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