
पेरिस. शीतल देवी और राकेश कुमार की भारतीय जोड़ी ने सोमवार को यहां पेरिस पैरालंपिक की मिश्रित टीम कंपाउंड ओपन तीरंदाजी स्पर्धा के सेमीफाइनल में जगह बनाई. शीतल और राकेश ने क्वार्टर फाइनल में तियोडोरा ऑडी आयुदिया फेरेलिन और केन स्वेगुमिलांग की इंडोनेशिया की जोड़ी को आसानी से 154-143 से हराया.
मिश्रित कंपाउंड ओपन वर्ग में शीतल और राकेश की शीर्ष वरीय जोड़ी ने सेमीफाइनल तक के सफर के दौरान शानदार फॉर्म दिखाई. सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना फातिमेह हेमाती और हादी नोरी की ईरान की जोड़ी से होगा. ईरान की जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में जेन कार्ला गोगेल और रेइनाल्डो वैगनर चाराओ फरेरा की ब्राजील की जोड़ी को 153-151 से हराया. सत्रह साल की शीतल का जन्म 2007 में फोकोमेलिया नामक एक दुर्लभ जन्मजात विकार के साथ हुआ था जिसके कारण उसके अंग अविकसित रह जाते हैं. इस बीमारी के कारण उसके हाथ पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाए.
39 वर्षीय राकेश को रीढ. की हड्डी में चोट लगी थी और 2009 में इससे उबरने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि अब उन्हें जीवन भर व्हीलचेयर पर रहना होगा जिससे वे अवसाद में चले गए और यहां तक ??कि उन्होंने आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा. रविवार को राकेश पुरुषों के कंपाउंड ओपन वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में चीन के ही जिहाओ से एक अंक से हार गए थे.



