फिलहाल तो बिहार में प्रशांत किशोर का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं : JDU

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 05 Sep 2024 07:39 PM
फिलहाल तो बिहार में प्रशांत किशोर का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं : JDU
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नयी दिल्ली. जनता दल (यूनाईटेड) ने जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर के बिहार के संदर्भ में किए जा रहे दावों को ‘बचकाना’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि फिलहाल तो राज्य की राजनीति में उनका कोई भविष्य नहीं है. वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के स्थान पर बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किए जाने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे राजीव रंजन प्रसाद ने ‘भाषा’ से बातचीत में यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में मतभेदों को लेकर भले ही तमाम तरह की अटकलें लगाई जाएं लेकिन ‘विकसित भारत और विकसित बिहार’ के संकल्प के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह ‘अत्यंत विश्वसनीय और सुदृढ़’ गठबंधन है.

उन्होंने कहा, ”हमारा गठबंधन देश और बिहार के हित में है. विकसित बिहार की उम्मीद नीतीश कुमार की अगुवाई में ही संभव है. इस बार के बजट में जो प्रावधान हैं, उनसे इस उम्मीद को ताकत मिली है.” उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर राजग के घटक दलों में ‘छोटी-मोटी असहमतियां’ स्वाभाविक हैं लेकिन ये टकराव का कारण नहीं बनेंगी और मिल-बैठकर इनका भी समाधान निकाल लिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राजग गठबंधन अत्यंत विश्वसनीय और सुदृढ़ है.” उल्लेखनीय है कि त्यागी के इस्तीफे पर जद (यू) की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया था कि उन्होंने निजी कारणों से यह कदम उठाया है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों पर अकसर की जाने वाली त्यागी की टिप्पणियां जद (यू) और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संबंधों में असहजता का कारण बन रही थीं.

चुनावी रणनीतिकार से राजनीति में कदम रखने वाले प्रशांत किशोर के बिहार के संदर्भ में किए जा रहे दावों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ की जा रही उनकी टिप्पणियों पर प्रसाद ने उनपर तंज कसते हुए कहा, ”यह सब बचकानी बातें हैं.” उन्होंने कहा, ”कोशिश हर व्यक्ति को करनी चाहिए. वह भी कर रहे हैं. लेकिन अभी तक वह चुनावी रणनीतिकार की भूमिका में रहे हैं. पहली बार, खुद को केंद्र में रखकर बिहार में राजनीतिक पार्टी की शुरुआत कर रहे हैं.” जद (यू) प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार एक ‘विराट व्यक्तित्व’ हैं और उनके सामने ‘बेशुमार उपलब्धियां’ हैं जबकि किशोर के पास बताने को कुछ नहीं है.

प्रसाद ने कहा, ”उन्होंने अपने पूरे जीवन में बिहार के लिए क्या किया है? वह केवल सपने दिखा सकते हैं. उन सपनों पर कोई क्यों यकीन करेगा. बिहार के लिए कोई सकारात्मक काम तो आपने नहीं किया है तो बिहार की जनता को आपको कैसे स्वीकार करेगी ?” उन्होंने कहा, ”बिहार में फिलहाल तो प्रशांत किशोर का कोई भविष्य नहीं दिख रहा है. नीतीश कुमार किसी जाति के नेता नहीं हैं. इसलिए, पूरे बिहार ने उन्हें बार-बार आशीर्वाद दिया है.” बिहार में राजनीतिक परिदृश्य बदलने का दावा करने वाले ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आईपीएसी) के संस्थापक किशोर ने पिछले दिनों कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी ‘आखिरी पारी’ है.

किशोर ने कहा है कि उनका जन सुराज अभियान एक राजनीतिक पार्टी में तब्दील होकर अगले साले होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेगा. उन्होंने कई मौकों पर इस चुनाव में जीत दर्ज कर सरकार बनाने का दावा किया है. प्रसाद ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर भी हमला किया और दावा किया कि नीतीश कुमार के मुकाबले वह ‘बहुत ही कमजोर’ दिख रहे हैं. उन्होंने कहा, ”उनकी पार्टी में निराशा है और उनके नेता व कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं.” ज्ञात हो कि पिछले दिनों वरिष्ठ नेता श्याम रजक राजद का दामन छोड़कर जद (यू) में शामिल हो गए थे.

पिछले दिनों नीतीश और तेजस्वी की मुलाकात को लेकर जारी अटकलों को खारिज करते हुए प्रसाद ने कहा कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के सिलसिले में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी और इस पर किसी तरह के सवाल खड़े करने का कोई औचित्य नहीं है.
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड का आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा और जद(यू) मिलकर लड़ेंगे और इस बारे में सैद्धांतिक तौर पर सहमति बन गई है.

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