दूसरे दिन ही समाप्त हुई नीलामी, 11,340.78 करोड़ रुपये में सिर्फ 141.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बिका

नयी दिल्ली. दूरसंचार स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए आयोजित नीलामी में 11,340.78 करोड़ रुपये मूल्य के 141.4 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की ही बिक्री हो पाई. भारती एयरटेल स्पेक्ट्रम खरीद में सबसे आगे रही. उसने 6,856.76 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा. स्पेक्ट्रम नीलामी दूसरे दिन बुधवार को बोली शुरू होने के कुछ घंटों के भीतर ही समाप्त हो गई. इसके पहले मंगलवार को नीलामी के पहले दिन पांच दौर में बोलियां लगाई गई थीं.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस नीलामी में रिलायंस जियो ने 973.62 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम हासिल किया, जबकि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) ने लगभग 3,510.4 करोड़ रुपये मूल्य के स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाई. कुल मिलाकर, इस स्पेक्ट्रम नीलामी से सरकार को कुल 11,340.78 करोड़ रुपये मिले. यह सरकार द्वारा बिक्री के लिए रखे गए स्पेक्ट्रम के अनुमानित मूल्य 96,238 करोड़ रुपये का सिर्फ 12 प्रतिशत है.

पिछली स्पेक्ट्रम नीलामी दो साल पहले हुई थी जिसमें रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 5जी स्पेक्ट्रम की बिक्री हुई थी. सात दिन तक चली नीलामी में रिलायंस जियो शीर्ष बोलीदाता के रूप में उभरी थी. उसने सभी रेडिया तरंगों का करीब आधा हिस्सा (88,078 करोड़ रुपये मूल्य) हासिल किया था.

उस समय दूरसंचार क्षेत्र के दिग्गज सुनील मित्तल की भारती एयरटेल ने 43,084 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाई थी, जबकि वोडाफोन-आइडिया ने 18,799 करोड़ रुपये में स्पेक्ट्रम खरीदा था. हालांकि, ताजा नीलामी में बाजी भारती एयरटेल ने मारी है और वह अग्रणी बोलीदाता बनकर उभरी है. भारती एयरटेल ने बुधवार को संपन्न हुई स्पेक्ट्रम नीलामी में 6,856.76 करोड़ रुपये में 97 मेगाहर्ट्ज रेडियो तरंगों को खरीदा है. यह नीलामी में बिके कुल स्पेक्ट्रम का 60 प्रतिशत है. भारती एयरटेल के बयान के मुताबिक, नीलामी के जरिये 900 मेगाहर्ट्ज, 1,800 मेगाहर्ट्ज और 2,100 मेगाहर्ट्ज बैंड में 97 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम हासिल किया गया है.

इस खरीद के साथ भारती एयरटेल देश में ‘मध्यम-बैंड स्पेक्ट्रम पूल’ में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बनाए रखेगी. भारती एयरटेल ने कहा कि उसकी अनुषंगी इकाई भारती हेक्साकॉम ने 1,001 करोड़ रुपये के परिव्यय से 15 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण किया है. इस नीलामी में 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1,800 मेगाहर्ट्ज, 2,100 मेगाहर्ट्ज, 2,300 मेगाहर्ट्ज, 2,500 मेगाहर्ट्ज, 3,300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड की पेशकश की गई थी.

हालांकि, ताजा नीलामी में लगाई गई बोलियां उम्मीद से बेहद कम रहीं. बाजार पर्यवेक्षकों का कहना था कि दूरसंचार कंपनियां मुख्य रूप से स्पेक्ट्रम नवीनीकरण और अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए रेडियो तरंगों पर चुनिंदा रूप से ध्यान केंद्रित कर रही हैं. इस नीलामी में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (वीआईएल) उच्च गति की मोबाइल सेवा को समर्थन देने वाली रेडियो तरंगों के लिए होड़ में रहीं.

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