
बरेली. बरेली में 26 सितंबर को हुई हिंसा में कथित रूप से शामिल दो लोगों को बुधवार को सीबीगंज इलाके में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए और फिलहाल पुलिस हिरासत में उनका इलाज चल रहा है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि दोनों आरोपी – इदरीस और इकबाल – मूल रूप से पड़ोसी शाहजहांपुर जिले के निवासी हैं तथा पिछले हफ्ते कोतवाली इलाके में हुई हिंसा में सक्रिय रूप से शामिल थे.
आर्य ने कहा, ”पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. मुठभेड़ के दौरान दोनों को गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. वे अब पुलिस की गिरफ्त में हैं.” एसएसपी के अनुसार, इदरीस के खिलाफ चोरी, डकैती, गैंगस्टर कानून और शस्त्र अधिनियम समेत 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इकबाल पर इसी तरह के आरोपों में लगभग 17 मामले दर्ज हैं.
आर्य ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक सरकारी बंदूक बरामद की गई है, जो हिंसा के दौरान पुलिसर्किमयों से छीनी गई थी.
एसएसपी के अनुसार, इसके अलावा, घटनास्थल से .315 बोर के दो देसी तमंचे और कारतूस बरामद किए गए. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रज.ा खान के सहयोगी नदीम खान के संपर्क में थे, जो पहले से ही जेल में हैं.
आर्य ने कहा, ”नदीम ने उन्हें घटना वाले दिन बरेली बुलाया था. इदरीस और इकबाल दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है. हमारी प्रारंभिक जांच में 26 सितंबर की घटना में बाहरी और आपराधिक तत्वों की संलिप्तता का संकेत मिला था, जिसकी अब पुष्टि हो गई है.” उन्होंने कहा कि हिंसा संवेदनशील धार्मिक सभा के दौरान कानून-व्यवस्था को बाधित करने का जानबूझकर किया गया प्रयास प्रतीत होता है.
आर्य ने कहा, ”हमारे आकलन और साक्ष्य बताते हैं कि इन बाहरी लोगों को कार्यक्रम के दौरान शांति भंग करने के लिए संगठित किया गया था.” उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) घटना की वैज्ञानिक और गहन जांच कर रहा है. इस बीच ज.लिाधिकारी अविनाश सिंह ने बुधवार को कहा कि इस मामले में लगभग 80 आरोपियों की पहचान कर ली गई है और आधा दर्जन लोगों के शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ गुंडा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और ऐसे अपराधियों को छह महीने के लिए जिलाबदर भी किया जा सकता है. इस बीच, तौकीर के परिवार के एक अन्य सदस्य सलमान मियां को सरकार की ओर से प्रदान किए गए सुरक्षाकर्मी को बुधवार को वापस ले लिया गया.
इससे पहले एसएसपी ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा, ”किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा या उसपर अनुचित दबाव में नहीं डाला जाएगा. अगर किसी को कोई चिंता या शिकायत है, तो वह तुरंत पुलिस या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करे. साथ ही, किसी भी दोषी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर हो, बख्शा नहीं जाएगा.” पुलिस ने मंगलवार को एक अलग मुठभेड़ के बाद हिंसा के सिलसिले में एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया था.
इस मामले में अब तक 70 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 26 सितंबर को बरेली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में मौलाना तौकीर रज.ा खान भी शामिल हैं. यह कार्रवाई 26 सितंबर को बरेली में हुई हिंसक झड़पों के बाद की गई है, जब शुक्रवार की नमाज. के बाद कोतवाली इलाके में एक मस्जिद के बाहर 2,000 से ज़्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसके बाद पथराव हुआ और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.
यह अशांति ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर खान द्वारा बुलाए गए प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रद्द करने के बाद शुरू हुई.
पुलिस ने अब तक 180 नामजद और 2,500 अज्ञात लोगों के खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. इससे पहले मंगलवार को, हिंसा के बाद शहर के दौरे के दौरान, उत्तर प्रदेश सरकार के बरेली प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है. उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा. अराजकता, अवैध अतिक्रमण या नक्शे में हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जहां भी अनियमितताएं पाई जाएंगी, बुलडोज.र चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”



