पुणे. महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी एवं बीड जिले में एक सरपंच की हत्या से जुड़े जबरन वसूली के मामले में वांछित वाल्मिक कराड ने मंगलवार को पुणे में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस के पास जाने से पहले कराड ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उसने आत्मसमर्पण करने की घोषणा करते हुए दावा किया कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण हत्या के मामले में उसका नाम जोड़ा जा रहा है.
पुलिस ने बताया कि बीड के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का नौ दिसंबर को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी. सरपंच की हत्या कथित तौर पर इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने कुछ लोगों द्वारा बीड जिले में एक पवन ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली किए जाने की कोशिश का विरोध किया था. इस मामले में चार लोगों को पहले गिरफ्तार किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि कराड मंगलवार को अपने साथियों के साथ कार से पुणे के पाषाण इलाके में स्थित अपराध जांच विभाग (सीआईडी) कार्यालय पहुंचा और उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
कराड ने सीआईडी ??कार्यालय जाने से पहले एक वीडियो जारी कर कहा, ”मैं बीड जिले के केज तालुका में अपने खिलाफ दर्ज एक फर्जी मामले में पुणे में सीआईडी ??अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर रहा हूं. संतोष देशमुख (की हत्या) के मामले में शामिल लोगों को दंडित किया जाना चाहिए और उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए. मामले में मेरा नाम राजनीतिक प्रतिशोध के कारण लिया जा रहा है.” विपक्ष ने महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आरोप लगाया था कि कराड हत्या के इस मामले में ”मुख्य साजिशकर्ता” है लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है.
सरपंच की हत्या के मामले में कराड की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को हजारों लोगों ने बीड शहर में मौन विरोध मार्च निकाला था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सहित सत्तारूढ. महायुति गठबंधन के विधायक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे. विपक्षी दलों ने राकांपा मंत्री धनंजय मुंडे पर वाल्मीक कराड के साथ घनिष्ठ संबंध होने का आरोप लगाया है और इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उनके इस्तीफे की मांग की है. इस बीच, संतोष देशमुख की बेटी वैभवी देशमुख ने कराड की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल उठाया.
उन्होंने अपने गांव में पत्रकारों से कहा, ”अगर आरोपी आत्मसमर्पण कर रहा है, तो पुलिस अब तक क्या कर रही थी.” उन्होंने यह भी मांग की कि पुलिस सभी आरोपियों के ‘कॉल डिटेल रिकॉर्ड’ (सीडीआर) की जांच करे और पता लगाए कि वे किसके संपर्क में थे.
बीड से राकांपा (शरदचंद्र पवार) के सांसद बजरंग सोनवणे ने कहा कि सीआईडी को मामले की पारदर्शी तरीके से जांच करनी चाहिए और अगर (जबरन वसूली के अलावा) हत्या के मामले में कराड की संलिप्तता का पता चलता है तो उसे उस मामले में भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए. कराड द्वारा स्वयं को निर्दोष बताए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में सोनवणे ने कहा, ”अगर यह एक फर्जी मामला है, तो उसे यह दावा पहले ही करना चाहिए था. उसे 20 दिन क्यों लगे?”