बंगाल : संदेशखाली की महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी, अपहरण का आरोप लगाया

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में एक महिला ने बृहस्पतिवार को तीन लोगों पर रात के समय घर के बाहर से उसके अपहरण का प्रयास करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे.

सूत्रों के मुताबिक, महिला ने इस इलाके में कथित अत्याचार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था. पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”देर रात ढाई बजे तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया. महिला ने शिकायत में दो लोगों को नामजद किया है. फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.” भाजपा नेता और वकील प्रियंका टिबरेवाल द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक कथित वीडियो में महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसका मुंह बंद कर उसे घर से घसीटते हुए लाया गया लेकिन जब उसकी बेटी ने शोर मचाया और स्थानीय लोग वहां पहुंचे तो अपहरणकर्ता एक तालाब के पास उसे फेंक कर फरार हो गये. ‘पीटीआई-भाषा’ वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.

महिला ने अपनी शिकायत में दावा किया कि उस पर अदालत में यह कहने के लिए दबाव डाला गया कि क्षेत्र में महिलाओं पर कथित अत्याचार ‘झूठ’ हैं. महिला ने बाद में एक स्थानीय समाचार चैनल को बताया कि अपहरणकर्ता संदेशखाली प्रदर्शन को दबाने के लिए उसकी हत्या के बारे में बात कर रहे थे.

टिबरेवाल ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आज मैं संदेशखाली गयी थी, जहां टीएमसी के गुंडे शेख शाहजहां को बेगुनाह साबित करने के लिए लोगों को धमका रहे हैं. अन्वेषा मंडल नाम की एक महिला ने मुझे दिलीप मलिक के अत्याचारों के बारे में बताया, जिसने कुछ दिन पहले एक महिला को अगवा किया था. इस शिकायत के बाद टीएमसी के गुंडों ने उसे अगवा किया, बांधकर एक तालाब के पास मरने के लिए छोड़ दिया. हम उसे थाने लेकर गये.”

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने संवाददाताओं को बताया कि प्रदर्शनकारियों पर शिकायत वापस लेने के लिए नियमित रूप से दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि अगवा करने के प्रयास दिखाते हैं कि टीएमसी अत्याचारों को दबाने के लिए किसी तरह का काम कर रही है. हाल ही में उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली से कथित रूप से एक के बाद एक कई वीडियो सामने आए थे जहां तृणमूल नेताओं पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोप लगाए गए थे.

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