
बेंगलुरु. बेंगलुरु में ‘रोड रेज’ की घटना में वायुसेना अधिकारी की शिकायत पर गिरफ्तार किए गए कॉल सेंटर कर्मचारी की शिकायत पर 40 वर्षीय वायुसेना अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इससे पहले अधिकारी की शिकायत पर कॉल सेंटर कर्मी को गिरफ्तार किया गया था, जिसके जवाब में उसने अधिकारी के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज कराई है.
भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शिलादित्य बोस ने एक वीडियो साझा करके आरोप लगाया था कि सोमवार की सुबह बेंगलुरु में कन्नड़ भाषी लोगों के एक समूह ने बाइक से उनका पीछा किया और उन पर हमला किया और गाली गलौज की. पुलिस ने इसे ‘रोड रेज’ का मामला बताते हुए विकास कुमार को गिरफ्तार किया, जो एक सॉफ्टवेयर कंपनी के कॉल सेंटर में ‘टीम हेड’ के रूप में काम करता है.
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला किया और कुछ कथित वीडियो में भारतीय वायुसेना अधिकारी आरोपी से मारपीट करते दिख रहे हैं, जिसे देखने के लिए कई लोग वहां जमा हो गए.
वीडियो में अधिकारी कुमार के साथ बहस करते और सार्वजनिक रूप से उसकी पिटाई करते हुए दिख रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी उन्हें रोकने की कोशिश करती नजर आ रही हैं. राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि एक कॉल सेंटर कर्मी की शिकायत के आधार पर भारतीय वायुसेना अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. वायुसेना अधिकारी पश्चिम बंगाल चले गए हैं.
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ”मामला दर्ज कर लिया गया है. जांच की जाएगी और सुरक्षा प्रदान की जाएगी.” बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त बी. दयानंद ने संवाददाताओं से कहा, ”पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है. हम प्रत्यक्षर्दिशयों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सामग्रियों के आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचेंगे.” उन्होंने कहा, ”शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि बाइक सवार और अधिकारी के बीच झगड़ा हुआ था. जांच के बाद विस्तृत जानकारी का खुलासा किया जाएगा. हमें निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए.” घटना उस समय हुई, जब अधिकारी अपनी पत्नी के साथ हवाई अड्डे जा रहे थे, जो भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के एक अधिकारी हैं.
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) (डीसीपी) देवराज डी. ने कहा कि विकास कुमार द्वारा दी गई जवाबी शिकायत के आधार पर शिलादित्य बोस के खिलाफ बयप्पनहल्ली थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. विकास कुमार ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने उनके साथ मारपीट भी की.
एक वीडियो बयान में कुमार की मां ज्योति ने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की और पूछा कि क्या पूरी तरह से उनके बेटे पर दोष डालना गलत नहीं है? उन्होंने कहा कि वायु सेना के अधिकारी ने उनके बेटे की पिटाई की और उसकी बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.
उन्होंने कहा, ”अगर हमने अधिकारी के खिलाफ शिकायत की होती, तो यह एक बड़ा मुद्दा बन जाता. लेकिन हमने शुरू में पुलिस में शिकायत नहीं की और यह सोचकर लौट आए कि चलो… यह एक छोटा सा मुद्दा है. लेकिन अब उन्होंने (अधिकारी और उनकी पत्नी ने) इसे एक बड़ा मुद्दा बना दिया है और मेरे बेटे को परेशान कर रहे हैं. मैं अपने बेटे के लिए न्याय चाहती हूं.” पुलिस ने बताया कि अधिकारी की पत्नी स्क्वाड्रन लीडर मधुमिता दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बयप्पनहल्ली थाने में मामला दर्ज किया गया और फिर कुमार को गिरफ्तार किया गया.
डीसीपी ने कहा, ”उनके बीच कहासुनी हुई. दोनों ने एक-दूसरे पर हमला किया. सोमवार को सुबह करीब छह बजे वायुसेना अधिकारी अपने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) क्वार्टर से केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे. उनकी पत्नी गाड़ी चला रही थीं और वह उनके बगल में बैठे थे.” उन्होंने कहा कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज और राहगीरों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो के विश्लेषण से पता चला है कि दोनों पक्ष झगड़े से बच सकते थे.
उन्होंने कहा, ”जब वे थाने आए, तो उनके शरीर पर लगी चोट के कारण खून बह रहा था, इसलिए थाना प्रभारी (एसएचओ) ने उन्हें पहले प्राथमिक उपचार लेने और फिर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए वापस आने की सलाह दी थी. चूंकि उन्हें देर हो रही थी, इसलिए वह हवाई अड्डा के लिए निकल गए. जब वह सोशल मीडिया पर ‘लाइव’ हुए, तो हमें इसका पता चला. फिर हमने मधुमिता के विवरण का पता लगाया और डीआरडीओ क्वार्टर से संपर्क किया. वह थाने आईं और शिकायत दर्ज कराई. हमने गंभीर चोट से संबंधित धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.” पूछताछ के दौरान विकास कुमार ने दावा किया कि घटना के वक्त वह वहां से गुजर रहा था, तभी महिला ने कथित तौर पर एक टिप्पणी की. इस पर उसने पूछा, ”आप किस बारे में बात कर रहे हैं?” इसके बाद, उसने भारतीय वायुसेना अधिकारी के पास जाकर पूछा, ”मैडम क्या कह रही हैं?” डीसीपी ने कहा, ”हमारे पास बहुत सारे वीडियो सबूत हैं और हम जांच कर रहे हैं.”
भारतीय वायुसेना अधिकारी पर हमला: मामले की जांच में स्थानीय अधिकारियों की सहायता कर रही वायुसेना
भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को बताया कि बल बेंगलुरु में ‘रोड रेज’ की घटना से जुड़े अपने एक अधिकारी के मामले की जांच में स्थानीय अधिकारियों की सहायता कर रहा है. अधिकारी के खिलाफ बेंगलुरु में मामला दर्ज किया गया है. भारतीय वायुसेना ने एक आधिकारिक बयान में बताया, “कल (सोमवार को) बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी से जुड़ी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. वायुसेना मामले की जांच करने और कानूनी समाधान तक उसका अनुसरण करने में स्थानीय अधिकारियों की सहायता कर रही है.” पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर में काम करने वाले एक कर्मचारी की जवाबी शिकायत पर भारतीय वायुसेना के 40 वर्षीय अधिकारी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुलिस ने बताया कि कर्मचारी को ‘रोड रेज’ की घटना में अधिकारी की शिकायत पर मामले की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था.
भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शिलादित्य बोस ने एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि सोमवार सुबह बेंगलुरु में बाइक से उनका पीछा करने वाले कन्नड़ भाषी लोगों के एक समूह ने उन पर हमला किया और उनके साथ गाली-गलौज की.
पुलिस ने इसे ‘रोड रेज’ का मामला बताते हुए विकास कुमार को गिरफ्तार किया, जो एक ‘सॉफ्टवेयर कंपनी’ के कॉल सेंटर में टीम हेड के तौर पर काम करता है.
पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला किया और कुछ वीडियो में भारतीय वायुसेना अधिकारी, विकास कुमार को कथित तौर पर पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, अधिकारी को कुमार के साथ बहस करते हुए और सार्वजनिक रूप से उसकी पिटाई करते हुए देखा गया जबकि उनकी पत्नी ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी. पुलिस ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब वायु सेना के अधिकारी अपनी पत्नी के साथ हवाई अड्डे जा रहे थे.
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) देवराज डी. ने बताया कि विकास कुमार की जवाबी शिकायत के आधार पर शिलादित्य बोस के खिलाफ बयप्पनहल्ली थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 304 (छीनाझपटी), 324 (शरारत), 351 (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. कुमार ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने उनके साथ भी मारपीट की. पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है.
वहीं मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कानून के अनुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है, फिर चाहे घटना में कोई भी शामिल क्यों न हो. सिद्धरमैया ने कहा कि भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने सोशल मीडिया पर कर्नाटक और कन्नड़ लोगों के बारे में ‘अनुचित और अपमानजनक’ टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि अधिकारी की टिप्पणी बेहद अपमानजनक और भड़काऊ है. सिद्धरमैया ने मांड्या में संवाददाताओं से कहा, “मैंने अधिकारियों से कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है, फिर चाहे वह कोई भी हो चाहे विंग कमांडर हो या कोई और.” उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत की है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
सिद्धरमैया ने बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” बेंगलुरु के सीवी रमन नगर में हाल ही में हुई एक घटना के संबंध में, विंग कमांडर शिलादित्य बोस ने एक कन्नड़ व्यक्ति विकास कुमार पर हमला किया. इसके बाद, उन्होंने (शिलादित्य बोस) सोशल मीडिया पर कर्नाटक और कन्नड़ लोगों के बारे में अनुचित और अपमानजनक टिप्पणी की, जो बेहद अपमानजनक और भड़काऊ है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्नड़ लोगों को अपनी मातृभाषा पर गर्व है, लेकिन वे संकीर्ण या असहिष्णु नहीं हैं.
उन्होंने कहा, “भाषाई मामलों पर दूसरों पर हमला करना या उन्हें गाली देना हमारी संस्कृति में नहीं है.” मुख्यमंत्री ने कहा, “कर्नाटक में दूसरे राज्यों के लोगों को गले लगाने, उनके साथ सम्मान से पेश आने और उन्हें अपने लोगों में से एक के रूप में स्वीकार करने की एक लंबी व गौरवशाली परंपरा रही है. इस भूमि की समावेशी भावना इतिहास में अच्छी तरह से दर्ज है.”



