
तिरुवनंतपुरम. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बुधवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ चुनाव बाद के सर्वेक्षणों (एग्जिट पोल) के नतीजों पर विश्वास नहीं कर सकता और बिहार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिली रिपोर्ट से पता चलता है कि हवा महागठबंधन के पक्ष में बह रही है.
विभिन्न संगठनों द्वारा मंगलवार को किए गए ‘एग्जिट पोल’ में राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की वापसी, विपक्षी महागठबंधन के बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाने और पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन का अनुमान जताया गया था.
सबरीमला सोना चोरी मामले में देवस्वओम बोर्ड मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पिछले छह महीनों से बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहे थे और उन्होंने राज्य में महागठबंधन की जीत के बारे में स्पष्ट संकेत दिए थे. उन्होंने बिहार में ‘एग्जिट पोल’ के नतीजों को खारिज कर दिया.
उन्होंने कहा, ”हरियाणा चुनाव के बाद ‘एग्जिट पोल’ के नतीजे क्या थे? कांग्रेस की भारी जीत की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन नतीजे कुछ और ही आए. इसलिए नतीजों का इंतजार किया जाना चाहिए.” वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि बिहार में चुनाव 65 लाख मतदाताओं को हटाकर कराए गए.
उन्होंने कहा, ”पहले हर चुनाव के दौरान रात साढ़े आठ बजे के आसपास निर्वाचन आयोग हमें कुल मतदान, कितने पुरुषों और कितनी महिलाओं ने मतदान किया आदि की पूरी जानकारी देता था. अब वे ऐसा नहीं कर रहे हैं. कुछ चुनावों में तो कुल मतदान की गिनती दो हफ्ते बाद घोषित की गई. हम बार-बार कहते रहे हैं कि निर्वाचन आयोग एक समझौता आयोग बन गया है.” बिहार में छह और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था और नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे. राज्य में 1951 के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा 66.91 प्रतिशत मतदान हुआ है.



