नयी दिल्ली/जम्मू. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वरिष्ठ नेता सत शर्मा को रविवार को पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया. वह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना की जगह लेंगे. भाजपा महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह घोषणा की गई. जम्मू-कश्मीर में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने सत शर्मा को टिकट नहीं दिया था. इसके बाद उन्हें प्रदेश इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था.
रैना को इस बार विधानसभा चुनाव में नौशेरा से हार का सामना करना पड़ा था. लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष रहे रैना को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है. विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी. भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई में यह बदलाव रविवार को होने वाली पार्टी विधायक दल की बैठक से कुछ घंटे पहले किया गया है. लगभग छह साल के अंतराल के बाद चार नवंबर से शुरू हो रहे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पहले सत्र से पूर्व अपने विधायक दल का नेता चुनने के लिए यह बैठक श्रीनगर में आयोजित की गई है.
भाजपा ने हाल में संपन्न जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में 29 सीट पर जीत हासिल की थी. यह जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. जम्मू-कश्मीर में लगभग 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन ने जीत हासिल की. राज्य में 90 सीट पर हुए चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 और कांग्रेस पार्टी ने छह सीट पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद, उमर अब्दुल्ला दूसरी बार इस पूर्ववर्ती राज्य और वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री बने.
विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. जम्मू-कश्मीर की नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र चार नवंबर को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के साथ शुरू होगा, जिसके बाद उपराज्यपाल का अभिभाषण होगा.
पूर्व मंत्री सत शर्मा की भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख के रूप में वापसी
पूर्व मंत्री सत शर्मा को भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख के रूप में फिर से जिम्मेदारी मिली है. इससे पहले, वह 2015 से 2018 के बीच ढाई साल तक इस पद पर रह चुके हैं. शर्मा (63) को हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया था. टिकट वितरण पर नाराजगी के बीच उन्हें सितंबर में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था और अब उन्हें पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के सर्वाधिक समय तक अध्यक्ष रहे रविंदर रैना की जगह नियुक्त किया गया है.
मई 2018 में शर्मा की जगह लेने वाले रैना साढ़े छह साल तक इस पद पर रहे. उन्हें अब पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है. रैना राजौरी जिले की अपनी नौशेरा सीट को बरकरार रखने में विफल रहे थे और उन्हें नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार तथा चुनाव के बाद उपमुख्यमंत्री बने सुरिंदर चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था.
जम्मू के डोगरा परिवार में जन्मे शर्मा चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उन्होंने 2014 में पहली बार भाजपा के टिकट पर जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी. वह 2018 में भाजपा द्वारा समर्थन वापस लिए जाने के बाद गिरी पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में 40 दिन के लिए कैबिनेट मंत्री भी रहे.
शर्मा ने कहा, ”मुझे दूसरी बार यह जिम्मेदारी देने के लिए मैं केंद्रीय नेतृत्व का आभारी हूं. मैं अपने पहले कार्यकाल के दौरान रही किसी भी कमी को दूर करने की कोशिश करूंगा और यह सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभाऊंगा कि पार्टी इतिहास रच सके.” उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 26 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 29 सीट (90 में से) का ऐतिहासिक जनादेश मिला और पार्टी ने पूरे केंद्रशासित प्रदेश, खासकर घाटी में बड़ी प्रगति की.
शर्मा ने कहा, ”मैं लंबे समय से पार्टी का कार्यकर्ता हूं और हम कार्यकर्ताओं तथा जम्मू-कश्मीर के लोगों के समर्थन से पार्टी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की कोशिश करेंगे.” उन्हें दिसंबर 2015 में पहली बार भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.
सुनील शर्मा को जम्मू-कश्मीर में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया
पूर्व मंत्री सुनील शर्मा को रविवार को जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता चुना गया. किश्तवाड़ जिले के पद्दर नागसेनी से विधायक शर्मा का जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष का नेता बनना तय है. भाजपा के एक प्रवक्ता ने यहां विधायक दल की बैठक के बाद कहा, ”सुनील शर्मा को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है. वह विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे.” जम्मू कश्मीर विधानसभा में भाजपा नेता शर्मा (47) का यह दूसरा कार्यकाल होगा. शर्मा ने केंद्र शासित प्रदेश में 2022 के परिसीमन प्रक्रिया के बाद नव गठित निर्वाचन क्षेत्र पद्दर नागसेनी से मामूली अंतर से जीत हासिल की.
शर्मा 2014 से 2018 तक पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी)- भाजपा गठबंधन सरकार में राज्य मंत्री थे. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नरिंदर सिंह विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार होंगे. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद, शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी देने के लिए वह पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के आभारी हैं. उन्होंने कहा, ”अपने विधायक साथियों के सहयोग, अनुभव और आशीर्वाद से मैं अपने कर्तव्यों का निर्वहन करूंगा. पार्टी की नीतियों और लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए हम विधानसभा में और बाहर भी लोगों की आवाज बनेंगे.” विधानसभा में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा, ”मुझे अभी-अभी (विधायक दल का नेता) चुना गया है. लड़ाई कल शुरू होगी. हमें देखना होगा कि दुश्मन कहां छिपा है और हम उसी के अनुसार हमला करेंगे.”