
धनबाद/रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उनके पूर्ववर्ती हेमंत सोरेन को राज्य के खनिजों की लूट के झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया. धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 52वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की रैली को संबोधित करते हुए चंपई सोरेन ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और बाहरी लोग 19 वर्षों से झारखंड के खनिजों की लूट-खसोट में लगे हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने दावा किया, ”जब हेमंत सोरेन (2019 में) सत्ता में आए और उन्हें ऐसा करने से रोका, तो उन्होंने उन्हें झूठे मामलों में फंसा दिया.” हेमंत सोरेन ने भूखंड से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा लंबी पूछताछ और गिरफ्तारी के बाद 31 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. हेमंत के इस्तीफे के दो दिन बाद झामुमो के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन दो फरवरी को मुख्यमंत्री बने.
चंपई सोरेन ने कहा, ”हेमंत सोरेन ने 1932 की खतियान आधारित मूल निवास नीति और निजी कंपनियों में स्थानीय युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए थे. भाजपा को यह हजम नहीं हुआ और उन्होंने उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया.” चंपई सोरेन ने कहा कि मूल निवास नीति के लिए 1932 को आधार वर्ष बनाने से उन लोगों के वंशजों को मदद मिलेगी, जो उस वर्ष से पहले वर्तमान झारखंड में रह रहे थे, उन्हें विभिन्न योजनाओं में लाभ मिलेगा और सरकारी नौकरियां मिलेंगी.
झामुमो की स्थापना चार फरवरी 1972 को इसी गोल्फ ग्राउंड में बिनोद बिहारी महतो, एके रे और पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष शिबू सोरेन ने की थी. अपने समर्थकों में ‘गुरुजी’ के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन अपने बेटे हेमंत सोरेन के साथ स्थापना दिवस समारोह में शामिल होते थे लेकिन इस बार स्वास्थ्य कारणों से रैली में शामिल नहीं हुए. उनका संदेश पार्टी सांसद विजय हांसदा ने पढ.ा.
शिबू सोरेन ने अपने संदेश में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने बेटे हेमंत सोरेन का समर्थन जारी रखने की अपील की.
गलत सलाहकारों के चलते हेमंत सोरेन को जेल जाना पड़ा : झामुमो नेता लोबिन हेम्ब्रम
झारखंड में नवगठित चंपई सोरेन सरकार के विधानसभा में विश्वास मत का सामना करने से एक दिन पहले रविवार को झामुमो के वरिष्ठ नेता लोबिन हेम्ब्रम ने दावा किया कि गलत सलाहकारों से घिरे रहने के चलते हेमंत सोरेन को जेल जाना पड़ा. पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार रात यहां गिरफ्तार किया था.
साहेबगंज जिले की बोरियो सीट से विधायक हेम्ब्रम ने संवाददाताओं से कहा, ”हेमंत सोरेन ने बार-बार मेरी सलाह को नजरअंदाज किया और आखिरकार जेल गए… वह हमेशा गलत सलाहकारों से घिरे रहे.” हेम्ब्रम ने हेमंत सोरेन की मौजूदा स्थिति के लिए सीधे तौर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सलाहकारों के अलावा उनके निजी और मीडिया सलाहकारों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा विधायकों को हैदराबाद भेजने के कदम पर भी आपत्ति जताई.
हेम्ब्रम ने ऐसे समय में इस तरह के खर्च पर नाराजगी व्यक्त की जब झारखंड की बड़ी आबादी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष कर रही है. उन्होंने छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम लागू करने की भी मांग की. दोनों अधिनियम आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को बेचने पर रोक लगाते हैं. हेम्ब्रम ने राज्य में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की. चंपई सोरेन सरकार के विधानसभा में विश्वास मत का सामना करने के दौरान उपस्थित होने के बारे में पूछे जाने पर हेम्ब्रम ने कहा कि वह सरकार का समर्थन करेंगे.



