मुंबई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने रविवार को कहा कि वर्ष 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जुड़े राहुल के सवालों का जवाब निर्वाचन आयोग के बजाय भाजपा द्वारा दिया जाना ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोपों की पुष्टि करता है. गांधी के दावों का खंडन करने के लिए तथ्यों और आंकड़ों के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस का लेख रविवार को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ और मराठी दैनिक ‘लोकसत्ता’ में प्रकाशित हुआ. इससे पहले पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने देश की चुनावी प्रक्रिया पर संदेह जताने के लिए गांधी की आलोचना की थी.
चेन्निथला ने एक बयान में कहा, ”भाजपा नेता निर्वाचन आयोग की ओर से जवाब दे रहे हैं, जो चिंताजनक है. यह केवल इस बात की पुष्टि करता है कि ‘मैच फिक्सिंग’ हुई थी. राहुल गांधी ने अपने विस्तृत लेख में उजागर किया है कि कैसे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव धोखाधड़ी, हेराफेरी और लोगों के जनादेश के व्यवस्थित उल्लंघन से प्रभावित हुआ, जो लोकतंत्र पर क्रूर हमला है.” चेन्निथला ने कहा कि निर्वाचन आयोग को गांधी द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए, जिन्होंने एक “परेशान करने वाला सच” उजागर किया है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य चुनाव से संबंधित घटनाएं आकस्मिक नहीं थीं, बल्कि यह एक ‘सुनियोजित ऑपरेशन’ था.
कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के प्रभारी ने कहा, ”महाराष्ट्र, जो कभी लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक था, अब उन मूल्यों का गहरा क्षरण देख रहा है. कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग से संपर्क कर रही है, लेकिन अब तक के जवाब सतही और असंतोषजनक रहे हैं.” चेन्निथला ने कहा कि जब चंडीगढ़ उच्च न्यायालय ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के संबंध में सीसीटीवी फुटेज जारी करने का आदेश दिया, तो केंद्र सरकार ने निर्वाचन आयोग की मदद से नियमों को बदल दिया और उस जानकारी को रोक दिया.
उन्होंने पूछा, ऐसा क्यों किया गया? और किसके लाभ के लिए? चेन्निथला ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में मतदाता सूची में हेराफेरी, बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान और वोट प्रतिशत में कृत्रिम वृद्धि को दर्शाने की बात शामिल थी. उन्होंने कहा, ”लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने व्यापक जनादेश हासिल किया. फिर महज पांच महीनों के भीतर परिणाम इतने नाटकीय ढंग से कैसे बदल गए? इससे चुनावी धोखाधड़ी की बू आती है.” उन्होंने कहा कि मार्कडवाडी (जहां कुछ लोगों ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर पुनर्मतदान की मांग की थी) में ‘मॉक ड्रिल’ करने से इनकार करना ही इस बात का संकेत है कि कुछ छिपाया जा रहा है. चेन्निथला ने कहा कि भाजपा और निर्वाचन आयोग सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं.