सोशल मीडिया पर एक ‘विशेष मुद्दे’ का इस्तेमाल कर रही है भाजपा, निर्वाचन आयोग रोक लगाए: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 19 Apr 2024 09:26 PM
सोशल मीडिया पर एक ‘विशेष मुद्दे’ का इस्तेमाल कर रही है भाजपा, निर्वाचन आयोग रोक लगाए: कांग्रेस
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नयी दिल्ली/बेंगलुरु. कांग्रेस ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर ‘मतदाताओं से अपील के लिए एक ‘विशेष मुद्दे का इस्तेमाल करने’ का आरोप लगाया और कहा कि निर्वाचन आयोग को इसका संज्ञान लेकर इस पर रोक लगानी चाहिए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इस ‘विशेष मुद्दे’ को स्पष्ट नहीं किया.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”भाजपा मतदाताओं से अपील के लिए सोशल मीडिया पर एक विशेष मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है. यह चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम – 1951 और सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णयों का घोर उल्लंघन है.” उन्होंने कहा, ”हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग तत्काल संज्ञान लेगा और इस तरह की अपील पर रोक लगाएगा.”

कर्नाटक : कांग्रेस ने भाजपा पर ‘चोम्बू’ विज्ञापन के साथ निशाना साधा

कर्नाटक में कांग्रेस ने शुक्रवार को मुद्रित अपने विज्ञापनों में ‘चोम्बू’ (लोटे) से तुलना कर केंद्र में सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा. दोनों पार्टियों ने एक दूसरे पर राज्य के लिए कुछ भी नहीं करने का आरोप लगाया है. लोटे को कन्नड भाषा में ‘चोम्बू’ कहा जाता है, जिसे ‘छल और खोखलेपन’ का प्रतीक माना जाता है.

कांग्रेस ने कर्नाटक में भाजपा के खिलाफ व्यांग्यात्मक अभियान में आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने राज्य सरकार को ‘चोम्बू’ उपहार में दिया है जिसके बाद दोनों दलों में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. अखबारों में पूरे पन्ने के विज्ञापन में स्टील से बने गोल आकार के पात्र की तस्वीर के साथ कन्नड में लिखा है, ”मोदी सरकार का कर्नाटक को उपहार – चोम्बू!” कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कर्नाटक के लोगों को सभी के खाते में 15 लाख रुपये जमा करने, किसानों की आय दोगुनी करने, कर हस्तांतरण और राज्य को सूखा और बाढ. राहत देने के वादों के बदले ‘चोम्बू’ मिला है.

सरकार की विफलताओं के खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘अंडरकरंट’

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्तर प्रदेश में जनसभा से पहले शुक्रवार को दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सरकार की विफलताओं के खिलाफ एक ‘अंडरकरंट’ (अदृश्य लहर) है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को क्यों नज.रअंदाज. किया है? प्रधानमंत्री मोदी उत्तर प्रदेश के गजरौला में शुक्रवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आज प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश जा रहे हैं. ये हैं उनसे आज के हमारे तीन सवाल हैं. भाजपा ने उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को क्यों नज.रअंदाज. किया है? 20,000 करोड़ रुपये के बावजूद भी गंगा भारत की सबसे प्रदूषित नदी क्यों है? मोदी सरकार बड़े पैमाने पर हो रहे पेपर लीक को रोकने के लिए क्या कर रही है?” उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय के अनुसार उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है, फिर भी, भाजपा सरकार ने गन्ने की क.ीमत बढ़ाने के लिए किसानों की मांग को लगातार नजरअंदाज किया है. रमेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश में गन्ने की क.ीमतें सिफ.र् 360 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जबकि यह पंजाब में 386 रुपए प्रति क्विंटल और हरियाणा में 391 रुपए प्रति क्विंटल है.

उन्होंने सवाल किया क्या कि डबल इंजन की सरकार ने जनता की दुर्दशा पर अपनी आंखें मूंद ली है? उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों और मिल मजदूरों की मदद के लिए भाजपा सरकार क्या कर रही है? रमेश ने कहा, ”मोदी सरकार ने गंगा नदी में पानी की गुणवत्ता में सुधार के लक्ष्य के साथ 2014 में नमामि गंगे योजना शुरू की थी. इसके तहत 2014 और 2019 के बीच 20,000 करोड़ रुपये के ख.र्च को मंजूरी दी गई थी और 2021 तक 815 नए सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) बनाए या प्रस्तावित किए गए. जल शक्ति मंत्रालय का दावा है कि नदी की स्थिति में काफ.ी सुधार हुआ है, लेकिन जैसा कि इस सरकार के मामले में अक़्सर होता है, वह दावा भी झूठा निकला.”

मध्य प्रदेश में भर्ती घोटाले में किसे बचाया जा रहा है: कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मध्य प्रदेश में हुई जनसभा से पहले शुक्रवार को पेपर लीक एवं कथित भर्ती घोटाले को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि ”भर्ती घोटाले” में किसे बचाया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी दमोह में एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘ एक्स ‘ पर पोस्ट किया , ” आज प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश जा रहे है. ये राज्य को लेकर उनसे हमारे सवाल हैं. पेपर लीक और भर्ती घोटाले में प्रधानमंत्री किसे बचा रहे हैं? वन अधिकार कानून को ठीक ढंग से लागू न करके भाजपा आदिवासियों की आजीविका और उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ क्यों कर रही है? मध्यप्रदेश में दलितों के ख.लिाफ. अपराध दर सबसे अधिक है. यह क्यों लगातार बढ़ता जा रहा है?” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भले ही कर्मचारी चयन बोर्ड का नाम बदल दिया हो, लेकिन दस साल पहले प्रदेश को हिलाकर रख देने वाले मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले को कोई नहीं भूला है.

रमेश का कहना है, ” व्यापमं के बाद भी र्निसंग स्टाफ, स्कूली शिक्षक, कांस्टेबल और कृषि विकास अधिकारियों की र्भितयों में धांधली के आरोप लगे हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने जो कुछ भी किया है वह सिफ.र् इन्हें नजरंदाज करने के लिए और इनसे ध्यान भटकाने के लिए किया है. अभी पिछले साल ही पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले के आरोप लगे थे. ” उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं कि युवाओं को दोबारा इस तरह के अन्याय का सामना न करना पड़े?

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