
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को केंद्र पर पश्चिम बंगाल का 1.15 लाख करोड़ रुपये का बकाया होने का दावा करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार को या तो बकाया राशि जारी करनी चाहिए या वह कुर्सी छोड़ दे. बनर्जी ने यह भी कहा कि उन्होंने राज्य का बकाया जारी करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का समय मांगा है.
मुख्यमंत्री ने अलीपुरद्वार में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ”बंगाल की बकाया 1.15 लाख करोड़ रुपये की राशि मांगी जाएगी, … हम नारा लगाएंगे कि (या तो) गरीबों का पैसा दो या कुर्सी छोड़ दो.” मुख्यमंत्री ने 93 करोड़ रुपये मूल्य की 70 परियोजनाओं की भी घोषणा की. बनर्जी ने कहा, ”मैं दिल्ली जाऊंगी. कुछ सांसद भी वहां साथ रहेंगे. मैंने हमारी बकाया राशि जारी करने को लेकर 18 से 20 दिसंबर के बीच प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा है.” उन्होंने दावा किया कि यदि केंद्र राज्य की बकाया राशि जारी कर देता तो उनकी सरकार कल्याणकारी योजनाओं के तहत और लोगों को शामिल कर सकती थी.
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने कहा, ”भाजपा के विपरीत मैं हमेशा अपना वादा निभाती हूं, जिसने सभी बंद चाय बागानों को फिर से खोलने का वादा किया था… अगर हमें अपना बकाया मिल जाता तो मैं और अधिक लोगों को सामाजिक योजनाओं के तहत शामिल कर सकती थी.” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल का बकाया विभिन्न मदों में लंबित है, जिसमें मनरेगा के तहत 100 दिनों का काम, आवास और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) संग्रह में राज्य का हिस्सा शामिल है. बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार सभी चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टा उपलब्ध कराने की पेशकश करेगी और उनमें से प्रत्येक को घर बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये प्रदान करेगी.



