
चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को चंडीगढ़ से मौजूदा सांसद किरण खेर की जगह संजय टंडन को उम्मीदवार घोषित किया. हिमाचल प्रदेश के लिए पार्टी के सह-प्रभारी टंडन (60 वर्षीय) छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल दिवंगत बलरामजी दास टंडन के पुत्र हैं जो जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और बाद में पंजाब भाजपा प्रमुख भी रहे.
उन्होंने चंडीगढ़ से टिकट देने के लिए पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद दिया और विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) की ओर से पेश चुनावी चुनौती को खारिज करते हुए कहा, ”राजनीति रसायन विज्ञान पर चलती है, गणित पर नहीं.” अभिनेत्री किरण खेर ने टंडन को टिकट मिलने पर उन्हें बधाई दी. खेर पहली बार 2014 में चंडीगढ़ से सांसद बनी थीं. उन्होंने 2019 में चंडीगढ़ से फिर से जीत हासिल की.
खेर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”संजय टंडन को चंडीगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार चुने जाने पर बधाई. आगे के अभियान के लिए आपको शुभकामनाएं.” उन्होंने इस पोस्ट के साथ टंडन के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की.
सेक्टर 18 स्थित टंडन के घर पर उनके परिवार के सदस्यों व समर्थकों को जश्न मनाते और एक-दूसरे को मिठाई खिलाते देखा गया.
पार्टी द्वारा यहां से टिकट दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए टंडन ने कहा, ”यह मेरे लिए बहुत खुशी का क्षण है. पार्टी ने मुझे चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित करके एक अवसर दिया है. मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अपनी पार्टी के नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं.” टंडन ने सभी को आश्वस्त किया कि भाजपा ने उनके ऊपर जो भरोसा जताया है, उस पर वह खरा उतरेंगे.
उन्होंने कहा, ”मैं किसी न किसी तरीके से पिछले 40 साल से चंडीगढ़ के लोगों से जुड़ा हुआ हूं और मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि परिवार के सदस्य की तरह उनकी सेवा के लिए मैं कोई कसर नहीं छोड़ूंगा.” भाजपा ने उम्मीदवारों की अपनी 10वीं सूची में कुल नौ लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की जिसमें उत्तर प्रदेश की सात और चंडीगढ़ तथा पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट शामिल है.
एक सवाल के जवाब में टंडन ने कहा कि अगर वह चुने जाते हैं तो वह चंडीगढ़ को पूरे देश में नंबर एक बनाने के लिए काम करेंगे.
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ द्वारा पेश की गई चुनौती पर, टंडन ने चुटकी ली. उन्होंने कहा, ”राजनीति में, दो और दो हमेशा चार नहीं होते हैं, या तो यह पांच, दो या कभी माइनस भी होता है. यह संयोजन की बात है. राजनीति रसायन विज्ञान पर काम करती है, गणित पर नहीं.” आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे के समझौते के तहत कांग्रेस चंडीगढ़ से अपना उम्मीदवार उतारेगी.
चंडीगढ़ नगर निगम के पदों के लिए इस साल भाजपा और आप-कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला रहा था.
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें पार्टी द्वारा उनके धैर्य के लिए पुरस्कृत किया गया है, टंडन ने कहा, ”राजनीति में, यदि आप धैर्य नहीं रख सकते हैं तो आपको इस क्षेत्र में प्रवेश नहीं करना चाहिए … मैंने हमेशा अपनी पार्टी के लिए एक कार्यकर्ता की तरह काम किया है.” गौरतलब है कि चंडीगढ़ से टिकट के लिए सत्यपाल जैन और अरुण सूद के नाम की भी चर्चा थी.
टंडन ने कहा कि वह अमृतसर में पैदा हुए और पंजाब में पार्टी के लिए भी उन्होंने काम किया है. उन्होंने कहा, ”पंजाब, पंजाबियत और पंजाबी भाईचारा मेरे लिए नया नहीं है.” अपने दिवंगत पिता के बारे में टंडन ने कहा, ”उन्होंने मुझे सिखाया कि राजनीति में किसी पद की आकांक्षा किए बिना काम करते रहो.” पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट टंडन चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं. टंडन ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा अमृतसर में की. बाद में परिवार चंडीगढ़ चला गया. वह 1986 में चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गए. वह गैर सरकारी संगठन सक्षम फाउंडेशन और बलरामजी दास टंडन चैरिटेबल फाउंडेशन के माध्यम से विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों में भी हिस्सा लेते रहते हैं.



