
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 2019 के चुनावों के विपरीत आगामी लोकसभा चुनावों में कम से कम पांच सीटें जीतकर केरल की द्विध्रुवीय राजनीति को समाप्त कर देगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य के लोगों को एहसास हो गया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते. केरल के लिये भाजपा के चुनाव प्रभारी जावड़ेकर ने एक साक्षात्कार में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”अगर 2019 में आप हिंदू, ईसाई, मुस्लिम..किसी भी केरलवासी से पूछते, तो उन्होंने आपको बताया होगा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे. उनका अपना विमर्श और विश्वास था. अब केरल में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, किसी से भी पूछें; वह आपको बताएगा कि प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार वापस आ रहे हैं.”
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईसाइयों तक उनकी पार्टी की ठोस पहुंच के परिणामस्वरूप उनका एक बड़ा वर्ग अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनावों में इसके लिए मतदान करेगा. यह पूछे जाने पर कि 2019 से भाजपा के लिए चीजें कैसे अलग हैं, जब उसके गठबंधन को लगभग 15 प्रतिशत वोट मिले और कोई सीट नहीं मिली, जावड़ेकर ने कहा कि हर किसी को अब एहसास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सत्ता बरकरार रखेंगे और उनकी सरकार का काम राज्य में दिखाई दे रहा है.
उन्होंने कहा कि लोग यह भी जानते हैं कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते. जावड़ेकर ने कहा कि मतदाताओं को एहसास है कि उन्होंने 2019 में कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन देश भर में हर जगह पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 2019 में केरल की 20 लोकसभा सीटों में से 19 सीटों पर जीत हासिल की थी. वायनाड से चुनाव लड़ने के गांधी के फैसले से गठबंधन को केरल में फायदा हुआ था. हालांकि, गांधी उत्तर प्रदेश में अमेठी से हार गए थे.
भाजपा नेता ने कहा कि यूडीएफ और राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के आसपास केंद्रित यह द्विध्रुवीय राजनीति इस बार खत्म हो जाएगी और भाजपा इस बार कम से कम पांच सीटें जीतेगी. जावड़ेकर 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के सीधे प्रसारण के माध्यम से लोगों से जुड़ने की भाजपा की कवायद की निगरानी के लिए वायनाड में थे.
गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया, वहीं वायनाड जिले में 140 से अधिक स्थानों पर हजारों मतदाताओं ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का सीधा प्रसारण देखा. ईसाइयों के बीच पैठ बनाने के भाजपा के प्रयास के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने क्रिसमस के दौरान पांच लाख से अधिक ईसाइयों के घरों में जाकर उन्हें बधाई दी और उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.
जावड़ेकर ने आरोप लगाया कि मणिपुर में मेइती-कुकी हिंसा को लेकर समुदाय में भाजपा को बदनाम करने की कोशिश की गई.
मेइती मुख्यत: हिंदू हैं, जबकि अधिकतर कुकी ईसाई हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा समुदाय को यह समझाने में सफल रही है कि हिंसा का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह दोनों समुदायों के बीच पुरानी जातीय प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है.
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ केंद्र की कार्रवाई की केरल के लोगों ने भी सराहना की है. जावड़ेकर ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य में हर किसी तक पहुंची है.



