पुस्तकें उत्प्रेरक की भूमिका निभाती हैं, युवा इन्हें प­ढ़ने की आदत विकसित करें : धर्मेंद्र प्रधान

अहमदाबाद. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कहा कि पुस्तकें जीवन में उत्प्रेरक की भूमिका निभाती हैं और युवाओं को इन्हें प­ढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए. उन्होंने गुजरात को एक ”बौद्धिक राज्य” बताया जो प­ढ़ने और प­ढ़ाने की संस्कृति में हमेशा अग्रणी रहा है. प्रधान और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने साबरमती इवेंट सेंटर में ‘अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव 2025’ और ‘फूड फॉर थॉट फेस्ट’ का उद्घाटन किया.

केंद्रीय मंत्री ने समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”मैं अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) को बधाई देना चाहता हूं. कई वर्षों से वे लगातार अहमदाबाद में खूबसूरत पुस्तक मेलों का आयोजन करते आ रहे हैं. इस बार उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर पहुंचा दिया है. देश भर के 300 से अधिक प्रकाशक इस मेले में हिस्सा ले रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”गुजरात हमेशा से प­ढ़ने और प­ढ़ाने में अग्रणी रहा है. यह एक बौद्धिक और चिंतनशील राज्य है. ऐसे राज्य में पुस्तकें उत्प्रेरक की भूमिका निभाती हैं.”

प्रधान ने कहा, ”यह आवश्यक है कि नई पी­ढ़ी पुरानी पुस्तकों को प­ढ़ने के साथ-साथ तकनीक-आधारित पठन में भी रुचि विकसित करे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे और आज जब वह देश का नेतृत्व कर रहे हैं, पुस्तकालय आंदोलन, पुस्तक मेलों और साहित्यिक आंदोलन पर हमेशा जोर देते हैं.” उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला युवा पी­ढ़ी में प­ढ़ने के प्रति रुचि पैदा करेगा.
प्रधान और मुख्यमंत्री पटेल ने उसी स्थल पर आयोजित ‘फूड फॉर थॉट फेस्ट’ का भी दौरा किया. यह 16 नवंबर तक चलेगा. ‘वांचे गुजरात 2.0’ के तहत, पुस्तक महोत्सव 13 नंवबर को शुरू हुआ और 23 नवंबर जारी रहेगा जबकि फूड फेस्ट का 16 नवंबर को समापन होगा.

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