बीआरएस ने 10 दलबदलू विधायकों की अयोग्यता पर न्यायालय के निर्देश का स्वागत किया

Author: navabharat digital
UPDATED: Thu, 31 Jul 2025 03:56 PM
बीआरएस ने 10 दलबदलू विधायकों की अयोग्यता पर न्यायालय के निर्देश का स्वागत किया
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हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का बृहस्पतिवार को स्वागत किया, जिसमें तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि वह सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल होने वाले बीआरएस के 10 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर तीन महीने के अंदर फैसला करें।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राव ने ‘उम्मीद’ जताई कि अपने ‘पंच न्याय’ (2024 के लोकसभा चुनावों से पहले घोषित वादे) में मजबूत दलबदल विरोधी कानूनों और दलबदल पर स्वत: रद्दीकरण की वकालत करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रीमान गांधी, मैं आपको चुनौती देता हूं कि आप अपने उपदेशों पर अडिग रहें और मैं आशा करता हूं कि आप और आपकी पार्टी विधानसभा अध्यक्ष के पद का इस्तेमाल भारतीय संविधान का और अधिक मजाक बनाने के लिए नहीं करेंगे।’’

बीआरएस विधायक के. पी. विवेकानंद ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को तीन महीने में विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार किए बिना, 10 विधायकों उनके पदों से इस्तीफे कराने चाहिए नए सिरे से जनादेश मांगना चाहिए।

सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बीआरएस पर पलटवार करते हुए कहा कि 2014 से 2023 तक के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली पार्टी ने सत्ता में रहने के दौरान तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में लाने को बढ़ावा दिया था।

कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अद्दांकी दयाकर ने कहा कि सिर्फ कुछ विधायक नहीं बल्कि तेदेपा का पूरा विधायक दल ही बीआरएस (तत्कालीन तेलंगाना राष्ट्र समिति) में शामिल हो गया था।

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