मुझे और कांग्रेस को निशाना बनाकर भाजपा ने निर्वाचन आयोग पर आरोपों को सही साबित किया: खेड़ा

नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दो मतदाता पहचान पत्र संबंधी भारतीय जनता पार्टी के आरोप को लेकर मंगलवार को पलटवार किया और कहा कि भाजपा ने उन्हें और उनकी पार्टी को निशाना बनाकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ लगे आरोपों को सही साबित कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने “स्वीकार” किया है कि आयोग मतदाता सूची की “शुद्धता बनाए रखने में विफल” रहा है.

खेड़ा ने यह भी कहा कि नयी दिल्ली के निर्वाचन कार्यालय ने उन्हें नोटिस जारी किया है जो इस बात का प्रमाण है कि आयोग शासन व्यवस्था के सहयोग में खड़ा हुआ है, लेकिन कांग्रेस आयोग के गलत कार्यों को उजागर करती रहेगी. भाजपा ने आरोप लगाया है कि खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी पार्टी की “वोटों की चोरी” को “बचाने और छिपाने” के लिए बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया कि खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं.

मालवीय के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए खेड़ा ने कहा, “मुझे उनसे ही पता चला कि मेरे पास दूसरा मतदाता पहचान पत्र भी है. मैंने 2016-17 में इसे हटाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन ऐसा लगता है कि ऐसा नहीं हुआ और इसके लिए निर्वाचन आयोग जिम्मेदार है.” कांग्रेस नेता ने “पीटीआई वीडियो” से कहा, “अनुराग ठाकुर ने जो किया, अमित मालवीय ने भी वही किया. वे दोनों हमें निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन अंतत? चुनाव आयोग पर ही निशाना साध बैठे. यही मुद्दा हम उठाते रहे हैं, यही राहुल गांधी कह रहे हैं. अब मैं जानना चाहता हूं कि क्या दिल्ली में मेरे वोट का दुरुपयोग हुआ और वह भाजपा को चला गया. मुझे सीसीटीवी फुटेज चाहिए.”

उन्होंने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “राहुल गांधी के साथ अगस्त के संवाददाता सम्मेलन के बाद, हजारों ऐसे मामले सामने आए जहां एक ही व्यक्ति के अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र कई बूथ, निर्वाचन क्षेत्रों, यहां तक कि राज्यों में भी दर्ज हैं. मालवीय ने उन मामलों में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई. इसलिए, उन्हें मतदाता सूची की शुचिता की चिंता नहीं है.” उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अपने “सुबह के स्टंट” से मालवीय ने स्वीकार किया है कि आयोग मतदाता सूची की “शुद्धता बनाए रखने में विफल” रहा है.

खेड़ा ने कहा, “2016 में घर बदलने के बाद नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से अपना नाम हटाने के लिए मेरे फॉर्म 7 आवेदन के बावजूद, नाम नहीं काटा गया.” उनका कहनाथा, “2016 से अब तक चार चुनाव – 2019 में लोकसभा, 2020 में विधानसभा, 2024 में लोकसभा, 2025 में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. इसलिए यह मान लेना सही होगा कि चार पुनरीक्षण भी हुए होंगे. फिर भी, मेरा नाम अब भी नयी दिल्ली की मतदाता सूची में है.”

कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा, “(मुख्य निर्वाचन आयुक्त) ज्ञानेश गुप्ता जी को अपने सहयोगियों का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए. अनुराग ठाकुर के बाद, अमित मालवीय ने भी उन्हें निशाना बनाना ही सुविधाजनक समझा.” बाद में खेड़ा ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “मुझे नयी दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने एक नोटिस जारी किया है. निर्वाचन आयोग सत्तारूढ़ व्यवस्था का सहयोग करने के लिए कैसे कार्य करता है, इसकी एक और पुष्टि हुई है. वोट चोरी की हमारी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, जबकि आयोग विपक्षी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने में जल्दबाजी करता है.” उन्होंने सवाल किया कि निर्वाचन आयोग ने बेंगलुरु के महादेवपुरा निर्वाचन क्षेत्र के 1,00,000 फर्जी मतदाताओं को एक भी नोटिस क्यों नहीं जारी किया, जिनको लेकर राहुल गांधी ने खुलासा किया था? खेड़ा ने कहा, “हम बिहार में एसआईआर और अन्य चुनाव प्रक्रियाओं में आयोग के गलत कामों को उजागर करना बंद नहीं करेंगे.” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख और राहुल गांधी के “करीबी सहयोगी” खेड़ा के पास दिल्ली के पते पर दो मतदाता पहचान पत्र हैं.

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