संदेशखालि में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों का कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 13 Feb 2024 08:39 PM
संदेशखालि में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों का कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया
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कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बंदूक दिखाकर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों और संदेशखालि में आदिवासियों की जमीन के हस्तांतरण के आरोपों पर मंगलवार को स्वत: संज्ञान लिया और राज्य के अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया. न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय ने कहा कि संदेशखालि में जो कुछ हो रहा है, वह उससे बहुत परेशान हैं.

उन्होंने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि इस संबंध में राज्य, वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाए. न्यायाधीश ने कहा कि संदेशखालि में महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न और कानून का उल्लंघन करते हुए आदिवासियों की जमीन हथियाने के संबंध में मीडिया में आईं खबरों को लेकर वह बहुत दुखी हैं.

अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य, पुलिस महानिदेशक, बारासात रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक और उत्तर 24 परगना जिले के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया जाए. मामले में 20 फरवरी को सुनवाई होगी. अदालत ने कहा कि खबरों से यह भी पता चला है कि निर्दोष लोगों की संपत्ति हड़पने के लिए कथित रूप से उन पर हिंसा की गई. न्यायमूर्ति रॉय ने अधिवक्ता जयंत नारायण चटर्जी को न्याय मित्र नियुक्त किया.

संदेशखालि मामला : प्रदर्शनकारी भाजपा समर्थकों और पुलिस में झड़प

पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में संदेशखालि ब्लॉक में महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले बशीरहाट के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का प्रयास करने वाले भाजपा समर्थकों और पुलिस के बीच बीच झड़प हुई.

अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक निषेधाज्ञा लागू की गई है. उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बशीरहाट में एसपी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसर्किमयों को तैनात किया गया. संदेशखालि, बशीरहाट पुलिस जिले के दायरे में आता है. भाजपा की प्रदेश इकाई ने घोषणा की थी कि उसके नेता उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि की स्थिति के विरोध में मंगलवार को एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार की अगुवाई में एसपी कार्यालय की तरफ बढ.ते हुए दोपहर को प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया. बैरिकेड तोड़ने के बाद पुलिस ने पहले तो भाजपा समर्थकों को शांत करने की कोशिश की. लेकिन, भाजपा कार्यकर्ता अड़े रहे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. मजूमदार ने दावा किया, ”बंगाल में अराजक स्थिति है. राज्य सरकार सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है.” सत्तारूढ. तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ”पुलिस स्थिति को बनाए रखने के लिए सब कुछ कर रही है लेकिन भाजपा माहौल खराब करना चाहती है.” संदेशखालि में महिलाएं तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए कथित अत्याचारों को लेकर पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रही हैं.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शेख और उसके ”गिरोह” ने क्षेत्र में महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के अलावा जमीन के बड़े हिस्से पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया है. शेख पिछले महीने राशन घोटाले की जांच के सिलसिले में संदेशखालि में उसके घर पर छापा मारने गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर भीड़ द्वारा किए गए हमले के बाद से फरार हैं.

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