पहले चरण का प्रचार थमा, अब 121 सीट पर छह नवंबर को होगा मतदान

बिहार विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को पहले चरण का मतदान, सात देशों के प्रतिनिधि बनेंगे गवाह

पटना/नयी दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार अभियान मंगलवार की शाम छह बजे थम गया. इस चरण में राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीट पर छह नवंबर को मतदान होगा. निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. आयोग ने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए ताकि मतदाता बड़ी संख्या में मतदान के लिए आगे आएं.

आयोग ने बूथ पर शत प्रतिशत वेबकास्टिंग, नई मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस) की सुविधा और ईवीएम नेट ऐप के माध्यम से मतदान रिपोर्टिंग जैसे तकनीकी नवाचारों को लागू किया है. पहले चरण के लिए 121 सामान्य, 18 पुलिस और 33 व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है.

निर्वाचन क्षेत्रों के लिहाज से दीघा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 4,57,657 मतदाता हैं, जबकि बरबीघा में सबसे कम 2,31,998 मतदाता पंजीकृत हैं. क्षेत्रफल के अनुसार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र सबसे छोटा (16.239 वर्ग किलोमीटर) और सूर्यगढ.ा सबसे बड़ा (62.247 वर्ग किलोमीटर) है. निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर जिलों में मतदान होगा.

निर्वाचन आयोग ने छह विधानसभा सीट पर मतदान के समय में एक घंटे की कमी की है. इन 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. इनमें सिमरी बख्तियारपुर (410 बूथ), महिषी (361 बूथ), तारापुर (412 बूथ), मुंगेर (404 बूथ), जमालपुर (492 बूथ) और सूर्यगढ.ा (56 बूथ) शामिल हैं. यह फैसला इन क्षेत्रों की संवेदनशीलता, प्रखंड मुख्यालय से दूरी और स्थानीय प्रशासन के सुझावों के आधार पर लिया गया है. बाकी 115 सीट के 43,206 बूथों पर मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा.

पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, 1 करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए कुल 45,341 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 45,324 मुख्य बूथ और 17 सहायक बूथ होंगे.

पहले चरण में कई र्चिचत उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद होगी. इनमें महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, लोकगायिका मैथिली ठाकुर, भोजपुरी फिल्म स्टार खेसारी लाल यादव, जनशक्ति जनता दल के तेज प्रताप यादव, जनता दल (यूनाइटेड) प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और भोला यादव शामिल हैं.

अलीनगर सीट पर भी सबकी नजर है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकगायिका मैथिली ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है. उनका मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विनोद मिश्रा से है. वहीं, हाल ही में मोकामा में दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार जद(यू) प्रत्याशी अनंत सिंह की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है. पहले चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार के 16 मंत्रियों की किस्मत भी ईवीएम में कैद होगी. इनमें भाजपा के 11 और जद(यू) के 5 मंत्री शामिल हैं.

भाजपा कोटे से स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे (सीवान), बांकीपुर से नितिन नवीन, तारापुर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, लखीसराय से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, दरभंगा के जाले से नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा, दरभंगा शहरी से राजस्व मंत्री संजय सरावगी, कुढ.नी से पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, साहेबगंज से पर्यटन मंत्री राजू कुमार, अमनौर से सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू, बिहारशरीफ से पर्यावरण मंत्री सुनील कुमार और बछवाड़ा से खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता चुनाव मैदान में हैं.

वहीं, जद(यू) के पांच मंत्रियों में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी (सराय रंजन), नालंदा से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, बहादुरपुर से समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, कल्याणपुर से सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी और सोनबरसा से मंत्री रत्नेश सदा शामिल हैं.

गठबंधनों की बात करें तो पहले चरण में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से जद(यू) के 57, भाजपा के 48, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 13 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 2 उम्मीदवार मैदान में हैं. महागठबंधन की ओर से राजद के 71, कांग्रेस के 24 और वाम दलों के 14 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. इसके अलावा विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) छह-छह सीट पर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) तीन सीट पर और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) दो सीट पर चुनाव लड़ रही है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के 118 उम्मीदवार भी इस चरण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

बिहार विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को पहले चरण का मतदान, सात देशों के प्रतिनिधि बनेंगे गवाह

बिहार विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को पहले चरण का मतदान होगा और निर्वाचन आयोग के अंतरराष्ट्रीय आगंतुक कार्यक्रम के तहत सात देशों के 14 प्रतिनिधि इसके गवाह बनेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने मतदान प्रक्रिया का अवलोकन करने के लिए जाने वाले प्रतिभागियों के साथ बातचीत की.

फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम, इंडोनेशिया, फलीपीन, थाईलैंड और कोलंबिया के 14 प्रतिभागियों ने उद्घाटन सत्र में भाग लिया, जहां उन्हें ईवीएम की कार्यप्रणाली दिखाई गई, जिसके बाद निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने चुनाव के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुति दी. अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) में 5-6 नवंबर तक बिहार का दो दिवसीय दौरा शामिल है, जहां प्रतिनिधि मत दल रवानगी केंद्रों का दौरा करेंगे और छह नवंबर को वास्तविक मतदान देखेंगे. आईईवीपी अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सहभागिता के लिए निर्वाचन आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है.

आईईवीपी के तहत वर्ष 2014 से ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत की चुनाव प्रणाली की ताकत को प्रर्दिशत किया जा रहा है. इस दौरान चुनाव संचालन के लिए विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जाता है. बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में छह और 11 नवंबर को होंगे और मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी. बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण में 121 सीट पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदाता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

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