भारत के आंतरिक मामलों में आईएसआई की भूमिका की जांच के लिए इंटरपोल की मदद ले सकते हैं: हिमंत

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप की जांच में इंटरपोल जैसी एजेंसियों की मदद ले सकती है, जिसके कथित तौर पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी के साथ संबंध हैं।

हालांकि, शर्मा ने कहा कि जांच अभी शुरूआती चरण में है और उन्होंने मामले में घटनाक्रम के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पहले ही सूचित कर दिया है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मामला बहुत संवेदनशील है। मैंने गृह मंत्री को इस मुद्दे के बारे में सूचित कर दिया है। एसआईटी अपनी जांच कर रही है, लेकिन हम एक निश्चित स्तर तक ही अपनी जांच कर सकते हैं। हमें एक निश्चित चरण में इंटरपोल जैसी एजेंसियों की मदद लेनी पड़ सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पूरी जांच अभी शुरूआती चरण में है, और सरकार आने वाले दिनों में इसे यथासंभव आगे बढ़ाएगी।’’ राज्य पुलिस ने 17 फरवरी को असम और भारत के आंतरिक मामलों पर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के संबंध में पाकिस्तानी नागरिक के खिलाफ मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार और गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पूर्व सहयोगी शेख पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एसआईटी ने पाकिस्तानी नागरिक से संबंधित बहुत सारी प्रारंभिक जानकारी हासिल की है। गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह भारत आए थे, तो उनके साथ पाकिस्तान के कई लोग थे। यहां तक ??कि पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल जैसे लोग भी भारत आए और लोगों की नजरों से दूर रहने के लिए छोटे होटलों में रुके। यह पूरा दौरा 2018 तक जारी रहा।’’

उन्होंने दावा किया कि शेख 18-20 बार भारत आए, असम के बारे में ट्वीट और टिप्पणियां कीं और असमिया लोगों के संपर्क में थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक असमिया महिला का नाम मिला है, जिसका पति जेएनयू में काम करता है और वे दोनों इस व्यक्ति के संपर्क में थे। जांच किसी एक व्यक्ति पर केंद्रित नहीं है, लेकिन ऐसा देखा गया है कि भारत में आईएसआई या पाकिस्तानी सरकार का प्रभाव है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘और उल्लेखनीय बात यह है कि इसमें असमिया लोग शामिल हैं। इसलिए हम इस पर नज़र रख रहे हैं, लेकिन हम इस पर तुरंत टिप्पणी नहीं कर सकते। हमें दो-तीन महीने लगेंगे।’’ शर्मा और भारतीय जनता पार्टी लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई पर हमला करते रहे हैं और आरोप लगाते रहे हैं कि उनकी पत्नी के आईएसआई से संबंध हैं।

काफी हंगामे के बाद, 16 फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल ने गोगोई अथवा उनकी पत्नी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने का फैसला किया, लेकिन पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पाकिस्तानी नागरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की कि वह केंद्र को पत्र लिखकर कोलबर्न द्वारा पूर्व कलियाबोर निर्वाचन क्षेत्र में लोकसभा चुनाव प्रचार में भाग लेने की जांच करेगी जहां गोगोई ने दो बार जीत हासिल की थी। गोगोई ने आरोप लगाया है कि भाजपा उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की हरसंभव कोशिश कर रही है और उन्होंने कहा कि वह उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।

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