
नयी दिल्ली. केंद्र ने कहा है कि वह पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत गांवों में छत पर सौर परियोजना की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज संस्थानों को प्रोत्साहित करेगा. उसने राज्यों से योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए काम करने का अनुरोध किया है.
पंचायती राज मंत्रालय ने राज्यों को छतों पर सौर पैनल स्थापित करने और एक करोड़ घरों के लिए 300 मासिक यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करने के लिए महत्वाकांक्षी योजना के दिशानिर्देश साझा करने को लेकर लिखा है. योजना की शुरुआत फरवरी, 2024 में हुई थी.
पंचायती राज मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव चंद्रशेखर कुमार ने इस बारे में आठ जुलाई को सभी राज्य विभागों को पत्र लिखा है. पत्र में अधिकारियों से योजना के परिचालन संबंधी दिशानिर्देशों को पंचायती राज संस्थानों, राज्य के पंचायती राज विभागों के अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ साझा करने के लिए कहा गया है. इस पहल का उद्देश्य योजना को बेहतर तरीके से समझने में मदद करना है. उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी आह्वान किया.
इस योजना पर कुल व्यय 75,021 करोड़ रुपये अनुमानित है और इसे वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू किया जाना है. योजना के तहत दो किलोवाट क्षमता के संयंत्र के लिए लागत का 60 प्रतिशत और दो किलोवाट से तीन किलोवाट क्षमता संयंत्र के लिए अतिरिक्त लागत का 40 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) का प्रावधान किया गया है. वित्तीय सहायता को तीन किलोवाट क्षमता पर सीमित किया गया है.



