
नयी दिल्ली. टमाटर की कीमतों में आए उछाल के बीच ग्राहकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार शुक्रवार से राष्ट्रीय राजधानी और कुछ अन्य शहरों में रियायती दरों पर टमाटर की बिक्री करेगी. कुछ शहरों में इस प्रमुख खाद्य उत्पाद की कीमत 200 रुपये प्रति किलोग्राम से भी अधिक हो गई है.
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि टमाटर की बिक्री राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) की तरफ से की जाएगी. उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा कि दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में टमाटर रियायती दरों पर बेचे जाएंगे. इसके अलावा पटना, वाराणसी, कानपुर और कोलकाता में भी रियायती टमाटर उपलब्ध होंगे.
सिंह ने कहा, ”टमाटर विभिन्न क्षेत्रों में मौजूदा भाव से काफी कम दाम पर बेचे जाएंगे. यह उस दिन के बाजार भाव से कम-से-कम 30 प्रतिशत कम होगा. यह कदम उपभोक्ताओं को राहत देने के इरादे से प्रेरित है.” मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नेफेड और एनसीसीएफ दोनों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख उत्पादक केंद्रों से टमाटर खरीदेंगे और इसे उन बाजार स्थलों में बेचेंगे जहां खुदरा कीमतें पिछले एक महीने में सबसे अधिक बढ़ी हैं.
सिंह ने कहा, ”यह पहला मौका है जब हम खुदरा बाजारों में टमाटर खरीदेंगे और बेचेंगे. हमने प्याज के लिए भी ऐसा किया. यह एक चुनौतीपूर्ण काम होने वाला है क्योंकि टमाटर एक जल्द खराब होने वाली खाद्य वस्तु है.” दिल्ली-एनसीआर में एनसीसीएफ अपने बिक्री केंद्रों, मोबाइल वैन, मदर डेयरी के सफल स्टोर और केंद्रीय भंडार बिक्री केन्द्रों के जरिए टमाटर बेचेगा. सिंह ने कहा कि अन्य शहरों में नेफेड और एनसीसीएफ दोनों अपने-अपने बिक्री केंद्रों के माध्यम से रियायती दरों पर टमाटर बेचेंगे या इसके लिए स्थानीय स्तर पर गठजोड़ करेंगे.
उनके अनुसार, कीमतें कम होने तक टमाटरों की रियायती दरों पर बिक्री जारी रहेगी. अगस्त की शुरुआत तक टमाटर के दाम नरम होने की संभावना है. मंत्रालय ने कहा कि रियायती टमाटर बेचे जाने वाले शहरों की पहचान पिछले एक महीने में खुदरा कीमतों में भारी वृद्धि के आधार पर की गई है.
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को टमाटर का औसत अखिल भारतीय खुदरा मूल्य 111.71 रुपये प्रति किलोग्राम रहा.
पंजाब के बठिंडा में 203 रुपये प्रति किलोग्राम का सर्वाधिक भाव रहा जबकि न्यूनतम दर कर्नाटक के बीदर में 34 रुपये प्रति किलोग्राम थी. महानगरों में से टमाटर की खुदरा कीमत दिल्ली में सबसे अधिक 150 रुपये प्रति किलोग्राम थी. इसके बाद मुंबई में 137 रुपये प्रति किलोग्राम, कोलकाता में 137 रुपये प्रति किलोग्राम और चेन्नई में 123 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव रहा.
टमाटर की कीमतों में आमतौर पर जुलाई-अगस्त और अक्टूबर-नवंबर की अवधि के दौरान तेजी आती हैं, जो आम तौर पर कम उत्पादन वाले महीने होते हैं. मानसून के कारण आपूर्ति में व्यवधान के कारण दरों में और वृद्धि हुई है. मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक जिले से जल्द ही नई फसल आने की उम्मीद है. अगस्त में नारायणगांव और औरंगाबाद क्षेत्र से भी अतिरिक्त आपूर्ति आने की उम्मीद है. मध्य प्रदेश से भी आवक शुरू होने की उम्मीद है.
मंत्रालय ने कहा, ”निकट भविष्य में कीमतें कम होने की उम्मीद है.” टमाटर का उत्पादन लगभग सभी राज्यों में अलग-अलग मात्रा में किया जाता है. अधिकतम उत्पादन भारत के दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में होता है, जो अखिल भारतीय उत्पादन में 56-58 प्रतिशत का योगदान देता है.



