
नयी दिल्ली. भारत के शतरंज स्टार डी गुकेश और मौजूदा चैम्पियन चीन के डिंग लिरेन के बीच 2024 विश्व चैम्पियनशिप मुकाबले की मेजबानी सिंगापुर करेगा . फिडे ने सोमवार को यह घोषणा की . इसके मायने हैं कि गुकेश दिल्ली या चेन्नई में यह मुकाबला नहीं खेल सकेंगे चूंकि भारत के ये दोनों शहर सिंगापुर से पिछड़ गए . ढाई मिलियन डॉलर (लगभग 21 करोड़ रुपये) पुरस्कार राशि वाला यह मुकाबला 20 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच होगा. तमिलनाडु सरकार और अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) ने विश्व शतरंज संस्था फिडे को मेजबानी अलग-अलग बोलियां सौंपी थीं.
फिडे ने एक विज्ञप्ति में कहा ,”सिंगापुर सरकार से समर्थन के साथ सिंगापुर शतरंज महासंघ ने फिडे विश्व चैम्पियनशिप मैच 2024 की मेजबानी हासिल की है.” इसमें कहा गया ,” सभी दावेदारों की समीक्षा , आयोजन स्थलों, सुविधाओं, कार्यक्रम और मौकों की समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने सिंगापुर को चुना है .” सत्रह साल के गुकेश ने अप्रैल में कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतकर सबसे कम उम्र के विश्व चैलेंजर बनकर इतिहास रचा था. उन्होंने महान गैरी कास्परोव के 40 साल पुराने रिकॉर्ड को अपने नाम किया था.
फिडे के इस फैसले से निराश एआईसीएफ सचिव देव ए पटेल ने कहा कि उन्होंने मेजबानी की बोली को मजबूती से रखा था. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हमने अपनी तरफ से सर्वोत्तम प्रयास किया था, लेकिन यह हमारे पक्ष में नहीं रहा. इसकी कोई गारंटी नहीं थी कि हम जीतेंगे. हम प्रतिस्पर्धा को महत्व देते हैं, इसलिए यह ठीक है; इसमें कुछ भी गलत नहीं है. हमें खुशी है कि भारत ने दो बोलियां दीं थी.” फिडे के अध्यक्ष अर्कडी ड्वोरकोविच ने कहा, ”हमें खुशी है कि फिडे के इतिहास में पहली बार विश्व चैंपियनशिप का मैच सिंगापुर में होगा. सिंगापुर सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक पर्यटन और व्यापार केंद्रों में से एक होने के साथ शतरंज का भी बड़ा केंद्र है.”
उन्होंने कहा, ” मैं अन्य दावेदारों (नयी दिल्ली और चेन्नई) को भी धन्यवाद देना चाहूंगा. दोनों शहर शतरंज प्रतियोगिताओं की मेजबानी के समृद्ध इतिहास के साथ प्रसिद्ध शतरंज केंद्र हैं. हमें विश्वास है कि हम भविष्य में वहां प्रमुख शतरंज प्रतियोगिताएं देखेंगे.” एआईसीएफ बोली नहीं जीतने पर ‘निराश’ था लेकिन राष्ट्रीय शासी निकाय ने कहा कि उसे देश में बड़े आयोजन की मेजबानी के लिए किए गए प्रयास पर गर्व है.
एआईसीएफ के अध्यक्ष नितिन नारंग ने एक विज्ञप्ति में कहा, ” हम स्वाभाविक रूप से थोड़ा निराश हैं कि हमारी बोली सफल नहीं हुई, हमें अपने प्रस्ताव पर गर्व है.” उन्होंने कहा, ”हमें विश्वास है कि सिंगापुर एक उत्कृष्ट मेजबान साबित होगा. हम अपने खिलाड़ी डी गुकेश का समर्थन करने के लिए उत्सुक हैं, क्योंकि वह वैश्विक मंच पर खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा है.” इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले के लिए स्थल चुनने के पीछे के तर्क को और स्पष्ट करते हुए फिडे की जनसंपर्क अधिकारी अन्ना वोल्कोवा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, बोलियों के मूल्यांकन के समय तटस्थता बनाए रखने पर भी विचार किया गया था.
उन्होंने कहा, ” विजयी बोली तय करने में तटस्थता स्पष्ट रूप से एक प्रमुख कारक थी. हमारे लिए भी फिडे के अहम आयोजन को एक नए क्षेत्र में लाना महत्वपूर्ण था. यह सब कहने के बावजूद अगर सिंगापुर की बोली में दमदार नहीं होती तो यह उसके पक्ष में नहीं रहता . सिंगापुर ने मजबूत बोली पेश की थी.”



