मुख्यमंत्री शिंदे ने सनातन धर्म संबंधी उदयनिधि की टिप्पणी को लेकर विपक्ष के ‘मौन’ पर उठाए सवाल

ठाणे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की कथित सतानत धर्म विरोधी टिप्पणी पर इसके सदस्यों का रुख उनके मौन के कारण बेनकाब हो गया है.
उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) का नाम लिये बगैर उन्होंने याद किया कि पूर्व में एक विवाद को लेकर शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के प्रति कितनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

यहां दही हांडी (जन्माष्टमी) उत्सव में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में शिंदे ने कहा, ”किसी भी संख्या में स्टालिनों को आने दीजिए, वे सनातन धर्म का उन्मूलन नहीं कर सकते.” उन्होंने कहा, ”हिंदू और हिंदुत्व के खिलाफ ‘इंडिया’ के ये सदस्य एकजुट हुए हैं, उनका असली चेहरा अब बेनकाब हो गया है. बालासाहब ठाकरे यदि आज होते, तो उन्हें उसी चीज का सामना करना पड़ता जिसका एक बार मणिशंकर अय्यर को सामना करना पड़ा था. लेकिन दुर्भाग्य से, वे सभी मौन साधे हुए हैं.”

स्वतंत्रता सेनानी और हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर का कथित तौर पर अपमान करने के आरोप में अय्यर को वर्ष 2004 में तत्कालीन अविभाजित शिवसेना के गुस्से का सामना करना पड़ा था. बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) अब विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) का हिस्सा है. उद्धव पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए शिंदे ने कहा कि ‘जिन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए अपनी वफादारी बेच दी है’, उन्हें वफादारी के बारे में उपदेश नहीं देना चाहिए.

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