मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बस्तर के ऐतिहासिक ‘गोंचा महापर्व’ का आमंत्रण : ‘तुपकी’ भेंट कर किया गया सम्मान

रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बस्तर के प्रसिद्ध ‘गोंचा महापर्व’ का आमंत्रण दिया गया है। इसके साथ ही, उन्हें ‘तुपकी’ भेंट कर सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आयोजन में शामिल होना:

  • वे पायनियर समूह के स्थापना दिवस एवं अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित संगोष्ठी समारोह में शामिल हुए।
  • यह कार्यक्रम बालाजी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में हुआ, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

  • उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्माण भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की देन है।
  • अटल जी के सपनों के अनुसार छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास कर रहे हैं।
  • उन्होंने अटल जी का गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछाने और विकास के कार्यों में योगदान याद किया।
  • बताया कि अटल जी ने स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और अनुसूचित जनजाति का विभाग गठित किया, जिससे आदिवासी क्षेत्रों का विकास संभव हुआ।

पायनियर समूह का सम्मान:

  • मुख्यमंत्री ने समूह को 10 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।
  • उन्होंने समूह की निर्भीकता और निष्पक्षता की प्रशंसा की।
  • साथ ही, बालाजी ग्रुप द्वारा महिलाओं की नि:शुल्क डिलीवरी एवं उपचार कार्य की भी सराहना की।

अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण:

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 2004 तक सांसद के रूप में अटल जी के साथ कार्य करने का अवसर मिला।
  • अटल जी तीन बार प्रधानमंत्री बने और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया।
  • वे कुशल राजनीतिज्ञ के साथ-साथ साहित्यकार और कवि भी थे।

विधानसभा अध्यक्ष का उद्बोधन:

  • डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पायनियर रायपुर संस्करण 2016 में शुरू हुआ और अब 10वें वर्ष में है।
  • उन्होंने समूह को बधाई दी और बताया कि यह न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में बल्कि समाचार जगत में भी गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुका है।
  • अटल जी के ग्रामीण सड़क योजना, सर्व शिक्षा अभियान, परमाणु परीक्षण जैसे कार्यों का स्मरण किया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य सदस्य:

  • विधायक पुरंदर मिश्रा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, बसना विधायक संपत अग्रवाल, डॉ. देवेंद्र नायक, डॉ. नीता नायक आदि।

यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में श्रद्धांजलि और छत्तीसगढ़ के विकास के प्रति उनके योगदान को याद करने का अवसर रहा।

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