
वाशिंगटन. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस ने अप्रैल की अपनी भारत यात्रा को बेहद यादगार बताया और इसे ‘जीवन में एक बार मिलने वाला अनुभव’ करार दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि उनके तीनों बच्चे तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना ‘बाबा’ मानने लगे. उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने अप्रैल में भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा की थी और उनके साथ पत्नी उषा वेंस और उनके तीन छोटे बच्चे इवान, विवेक और मीराबेल भी थे.
उषा वेंस ने सोमवार को यहां अमेरिका-भारत सामरिक भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) नेतृत्व शिखर सम्मेलन के आठवें सत्र में बातचीत के दौरान भारत यात्रा को याद करते हुए कहा ”यह वास्तव में हमारे लिए यादगार यात्रा रही.” वेंस दंपति 21 से 24 अप्रैल तक भारत में था और जयपुर तथा आगरा की यात्रा से पहले उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी.
उषा वेंस ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात ”वाकई बहुत खास रही.” उषा वेंस ने कहा, ”हमें उनसे पहले भी मिलने का मौका मिला था.” उन्होंने कहा कि पेरिस में यात्रा के दौरान बच्चों की नींद पूरी नहीं हुई थी. वे उनींदे से थे और जब उन्होंने प्रधानमंत्री को देखा तो उनके सफेद बाल और सफेद दाढ़ी देखकर उन्हें तुरंत मान लिया कि ये उनके बाबा (दादा जी) हैं. और इस तरह वे उनसे तुरंत घुलमिल गए.
उषा वेंस ने कहा, ”वे (बच्चे) उनसे (मोदी से) बहुत प्यार करते हैं और उन्होंने (मोदी ने) उस दिन हमारे पांच साल के बेटे को जन्मदिन का तोहफा दिया. उसके बाद तो उन्होंने बच्चों के दिल में खास जगह बना ली .” वेंस और प्रधानमंत्री मोदी के बीच फरवरी में ‘एआई एक्शन समिट’ के दौरान फ्रांस में मुलाकात हुई थी. उन्होंने अपनी याद साझा करते हुए कहा कि जब वेंस परिवार दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर गया था तो बच्चे दौड़ते हुए उनके पास गए और उनके गले लग गए.
उषा वेंस ने कहा, ” वह (मोदी) बच्चों से बहुत ही प्रेम से मिले.” वेंस ने कहा कि कोविड महामारी और उनके पति के राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण उनके बच्चे पहले कभी भारत नहीं गए थे लेकिन वे उस देश, वहां की कहानियों, भोजन, दादा-दादी और दोस्तों के साथ संबंधों के बारे में बहुत कुछ जानते हुए बड़े हुए हैं. हालांकि उन्होंने वास्तव में इसे कभी नहीं देखा था. इसलिए यह उनके हिसाब से दिल को छू लेने वाला था.
उन्होंने कहा, “हम अपनी अगली यात्रा का इंतजार है और देश के उन हिस्सों में जाने की कोशिश कर रहे हैं जहां से मेरा परिवार ताल्लुक रखता है.” उन्होंने आंध्र प्रदेश का जिक्र किया जहां उनके माता-पिता कृष चिलुकुरी और लक्ष्मी चिलुकुरी रहते हैं. उन्होंने कहा कि उनके बच्चे हर समय भारत यात्रा के बारे में बात करते रहते हैं.
उषा वेंस ने बताया कि जब उनका परिवार प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर था तो उनका बेटा वहां की हर चीज से रोमांचित हो रहा था. वहां आम से भरी टोकरी देखकर तो उसने प्रधानमंत्री से कह दिया कि वह उनके घर पर ही रहने की सोच रहा है और उसने अपनी योजना बनानी शुरू कर दी. वेंस दंपति के बीच वाले बेटे विवेक हाथियों, मोरों और ऊंटों को देखने के लिए उत्साहित था. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मीराबेल को ऑटो रिक्शा में बैठकर बहुत मज.ा आया.
भारत-अमेरिका संबंध मेरे लिए ‘बहुत व्यक्तिगत’ हैं: उषा वेंस
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस ने भारत-अमेरिका संबंध को अपने लिए ”बेहद व्यक्तिगत” बताया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लिए यह ”बहुत अच्छा अवसर” है जो कई बार उतार-चढ.ाव से गुजरे हैं.
वेंस ने यहां अमेरिका-भारत रणनीतिक भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) नेतृत्व शिखर सम्मेलन के आठवें संस्करण में कहा, ”यह एक बहुत ही व्यक्तिगत संबंध है, क्योंकि मेरे परिवार के सदस्य भारत में रहते हैं और परिवार के कई सदस्य यहां अमेरिका में भी रहते हैं. मैं बचपन से भारत आती जाती रही हूं तथा वहां अपने परिवार के सदस्यों से मिलती रही हूं और वे मेरे पास आते रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”यह हमेशा से एक ऐसा संबंध रहा है जिसे मैंने व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना है.” कार्यक्रम में भारत और अमेरिका के प्रमुख सरकारी, व्यापारिक और समुदाय से जुड़े नेता उपस्थित थे.
यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष और जेसी2 वेंचर्स के संस्थापक एवं सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) जॉन चैंबर्स द्वारा आयोजित अनौपचारिक बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों के बारे में दृष्टिकोण को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में वेंस ने कहा, ”मैं इसके बारे में व्यापक रूप से सोचती हूं. मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छे अवसरों का समय है. मुझे लगता है कि अगर मेरे पति यहां होते, तो वह भी यही बात कहते.” उन्होंने कहा, ”जाहिर है अमेरिका और भारत के संबंधों में कई बार उतार-चढ.ाव आए हैं… कई बार ऐसा होता है कि किसी देश की जरूरतें और उसके लक्ष्य दूसरे से भिन्न होते हैं.” उन्होंने कहा, ”लेकिन वर्तमान में मुझे लगता है कि अगले चार वर्षों में और भविष्य में कई बड़े अवसर प्राप्त होने वाले हैं. यहां भारतीय-अमेरिकी समुदाय की एक स्थापित आबादी है और भारत में इतने सारे लोग हैं जो देश को जानते हैं और यहां के लोगों को जानते हैं जो बेहतरीन काम कर रहे हैं, बड़े अवसर प्राप्त कर रहे हैं.”



