कंपनियों ने परियोजनाएं हासिल करने के लिए चुनावी बॉण्ड के जरिए राजनीतिक दलों को रिश्वत दी : भूषण

रांची. वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने रविवार को आरोप लगाया कि कंपनियों ने लाखों करोड़ रुपये की परियोजनाएं हासिल करने के मकसद से राजनीतिक दलों को रिश्वत देने के लिए चुनावी बॉण्ड का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार के लिए चुनावी बॉण्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों और कंपनियों के बीच कथित साठगांठ की विशेष जांच दल (एसआईटी) से स्वतंत्र जांच कराने का अनुरोध किया गया है. भूषण ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ”कंपनियों द्वारा राजनीतिक दलों को दिया गया 16,500 करोड़ रुपये का चुनावी बॉण्ड चंदा महज रिश्वत था, जिसके बदले में कंपनियों को लाखों करोड़ रुपये के अनुबंध या परियोजनाएं दी गईं.”

भूषण और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज चुनावी बॉण्ड और राजनीतिक वित्तपोषण में पारर्दिशता संबंधी अपने जागरूकता अभियान के तहत रांची में थे. भूषण ने कहा कि वे झारखंड से पहले 11 राज्यों का दौरा कर चुके हैं. उन्होंने दावा किया, ”16,500 करोड़ रुपये के चुनावी बॉण्ड में से आधे भाजपा को और बाकी तृणमूल कांग्रेस एवं कांग्रेस जैसी पार्टियों को गए. हालांकि, जिन पार्टियों की किसी राज्य में सरकार नहीं है, उन्हें कोई पैसा नहीं मिला.”

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