
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत ने अपने प्रवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। होर्मुज जलमार्ग से कई एलपीजी और कच्चे तेल के पोत सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं। साथ ही, 11.61 लाख से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे हैं और ईराक में फंसे 12 भारतीय नाविक भी मुंबई पहुंच गए हैं।
मुख्य बातें
- 9 एलपीजी पोत और 1 कच्चे तेल का पोत होर्मुज जलमार्ग को पार कर भारत पहुंचे।
- 28 फरवरी से अब तक 11.61 लाख से अधिक यात्री स्वदेश लौटे हैं।
- ईराक में फंसे 12 भारतीय नाविक मुंबई पहुंच गए।
- सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में बसे प्रवासियों की सुरक्षा और निकासी पर ध्यान केंद्रित किया है।
सरकार की कार्रवाई और जानकारी
अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि भारत अपने लगभग 1 करोड़ प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि इराक के हवाई क्षेत्र के फिर से खुलने के बाद ही यह वापसी संभव हो पाई। बगदाद में भारतीय दूतावास ने इसमें मदद की। ईरान का हवाई क्षेत्र भी आंशिक रूप से खुला है, और भारतीय दूतावास तेहरान के रास्ते भी मदद कर रहा है।
पशुधन और दूध उत्पादों की स्थिति
पशुपालन और डेयरी विभाग ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद देशभर में दूध की आपूर्ति स्थिर है। किसानों को भुगतान हो रहा है और जरूरी कच्चे माल की सप्लाई निरंतर बनी हुई है।
संपर्क और नई पहल
30 मार्च 2026 को एक विशेष पोर्टल शुरू किया गया, जिसमें सभी राज्य संघ और दूध संघ सदस्य हैं। निर्यात के माल को आसानी से वापस लाने के लिए नई प्रक्रिया भी लागू की गई है।



