
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों के काम पूर्ण करने के निर्देश दिए. उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर तेज और सुरक्षित यातायात पर जोर दिया. उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के निर्देश दिए. उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में सड़कों और पुल-पुलियों के काम आगामी पांच साल की कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए. उन्होंने सड़कों और वृहद पुलों के कार्यों को भू-अर्जन के बाद डेढ़-दो वर्षों में अनिवार्यतः पूर्ण करने को कहा. उन्होंने शहरों के नजदीक बनने वाले बाइपास और रिंगरोड में पर्याप्त संख्या में ओव्हरब्रिजों और अण्डरब्रिजों का निर्माण करते हुए इन्हें एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए. इससे यातायात तेज और सुरक्षित होगा. मुख्यमंत्री साय ने भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर को विशाखापट्नम से जोड़ने बन रहे एक्सप्रेस-वे से रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने अच्छी गुणवत्ता के कनेक्टिंग-रोड्स बनाने के निर्देश दिए, ताकि इस एक्सप्रेस-वे का अधिक से अधिक लाभ राज्य के लोगों को मिल सके.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी बड़ी एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए एक-एक डेडीकेटेड (Dedicated) वरिष्ठ अधिकारी नामांकित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कार्यों में तेजी लाने एनएचएआई (NHAI) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने को कहा. उन्होंने आगामी तीन वर्षों में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क विकास के कार्यों को पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ काम करने को कहा. उन्होंने नए बजट में प्रावधानित कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही उनके इस्टीमेट (Estimate), डीपीआर और टेण्डर की कार्यवाही पूर्ण करते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए. साय ने पुल-पुलियों के रखरखाव एवं मरम्मत की प्रभावी व्यवस्था बनाने को भी कहा. उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रोटोकाल तैयार कर कड़ाई से अमल करने को कहा. उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों की तुरंत पहचान के लिए सिस्टम तैयार करने को कहा. इससे सड़कों के संधारण एवं त्वरित मरम्मत में मदद मिलेगी. उन्होंने खदान क्षेत्रों में सड़कों के मजबूतीकरण पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर हुआ अमल : 11 हजार से अधिक हैंडपंपों की मरम्मत पूर्ण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और इसकी गहन निगरानी की जा रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तेजी से कार्य हुए हैं और अब तक 86 मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से 11,238 हैंडपंपों की मरम्मत पूरी की जा चुकी है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहाँ भी पेयजल से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहाँ तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली और प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता, भूजल स्तर, जल जीवन मिशन की प्रगति और जल संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा में पीएचई विभाग का मुख्य अभियंता परिक्षेत्रीय कार्यालय खोलने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए. उन्होंने “सुशासन तिहार” के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर नल से जल पहुँचाने का बड़ा संकल्प लिया है. जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को उन्होंने समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए. उन्होंने जल जीवन मिशन की आगामी वर्षों की कार्ययोजना की भी समीक्षा की. साय ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट से प्रभावित विकासखंडों के साथ-साथ बिना जल स्रोत वाले ग्रामों की सूची भी तैयार करें, ताकि इसे दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें.



