कांग्रेस ने नीतीश की तुलना ”गिरगिट” से की, ”विश्वासघात में माहिर” बताया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 28 Jan 2024 06:39 PM
कांग्रेस ने नीतीश की तुलना ”गिरगिट” से की, ”विश्वासघात में माहिर” बताया
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली/कोलकाता/पटना/चेन्नई. नीतीश कुमार के रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने उनकी तुलना ”गिरगिट” से की और कहा कि राज्य के लोग ”धोखा देने के इस विशेषज्ञ” और उन्हें अपने इशारों पर नचा रहे लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल राजेन्द्र वी आर्लेकर को रविवार सुबह अपना इस्तीफा सौंप दिया. वह राज्य में ‘महागठबंधन’ से अलग हो गए. कुमार के इस कदम से ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को भी बड़ा झटका लगा है.

नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़कर अगस्त 2022 में ‘महागठबंधन’ में शामिल हुए थे. तब उन्होंने भाजपा पर जद(यू) (जनता दल-यूनाइटेड) को ‘विभाजित’ करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था. उन्होंने बहुदलीय गठबंधन के साथ नयी सरकार बनाई थी जिसमें राजद (राष्ट्रीय जनता दल), कांग्रेस और तीन वामपंथी दल शामिल थे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह महागठबंधन छोड़ने के कुमार के फैसले के बारे में पहले से जानते थे लेकिन उन्होंने ‘इंडिया’ को बरकरार रखने के लिए कुछ नहीं कहा.

खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”देश में ‘आया राम-गया राम’ जैसे कई लोग हैं. पहले वे और हम मिलकर लड़ रहे थे. जब मैंने लालू (प्रसाद) जी और तेजस्वी (यादव) जी से बात की तो उन्होंने भी कहा कि नीतीश जा रहे हैं.” बार-बार पार्टी बदलने के संदर्भ में ‘आया राम गया राम’ जुमले का 1990 के दशक में राजनीति में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने कहा कि यदि कुमार रुकना चाहते तो वह रुक सकते थे लेकिन वह जाना ही चाहते थे.

खरगे ने कहा, ”इसलिए यह बात हमें पहले से ही पता थी, लेकिन ‘इंडिया’ गठबंधन को बरकरार रखने के लिए हमने कुछ नहीं कहा. अगर हम कुछ गलत कहते तो बाहर गलत संदेश जाता. इसकी जानकारी हमें लालू प्रसाद यादव जी और तेजस्वी यादव जी ने पहले ही दे दी थी. आज यह सच हो गया.” कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नीतीश कुमार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह साफ है कि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से ध्यान भटकाने के लिए यह ”राजनीतिक नाटक” किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जल्द ही बिहार में प्रवेश करने वाली राहुल गांधी की यात्रा से ”घबराए हुए” हैं. रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”बार-बार राजनीतिक साझेदार बदलने वाले नीतीश कुमार रंग बदलने में गिरगिटों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.” उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ”विश्वासघात विशेषज्ञ” और उन्हें इशारों पर नचाने वालों को माफ नहीं करेगी.

रमेश ने कहा, ”बिल्कुल साफ है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रधानमंत्री और भाजपा घबराए हुए हैं और उससे ध्यान हटाने के लिए यह राजनीतिक नाटक रचा गया है.” रमेश ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन मजबूत है. उन्होंने कहा, ”यहां-वहां कुछ गति-अवरोधक हैं, लेकिन हम एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे . द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम), राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी), टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) और सपा (समाजवादी पार्टी) जैसे सभी दल साथ मिलकर लड़ेंगे.” रमेश ने उन दावों को खारिज कर दिया कि कुमार के बाहर निकलने से विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ कमजोर हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे गठबंधन केवल मजबूत होगा, जैसा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी कहा है.

उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि बिहार के लोग चुनाव में नीतीश कुमार और भाजपा को उचित सबक सिखाएंगे…यह एक वैचारिक लड़ाई है.” उन्होंने कहा, ”कुछ दिनों तक सुर्खियों में रहने के अलावा इसका कोई असर नहीं होगा.” ‘इंडिया’ के गठन में कुमार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए रमेश ने पिछले वर्ष 23 जून को कुमार द्वारा बुलाई गई 18 विपक्षी दलों की बैठक का जिक्र किया.
उन्होंने कहा, ”विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की यात्रा 23 जून को पटना से शुरू हुई थी और जिस व्यक्ति ने इस यात्रा को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसने ही धोखा दे दिया. हमें नहीं पता कि उनकी राजनीतिक मजबूरियां क्या थीं, लेकिन बिहार के लोग उन्हें और भाजपा को करारा जवाब देंगे.”

रमेश ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि वह समय-समय पर राजनीतिक रंग बदलते रहे हैं और रंग बदलने में तो वह गिरगिटों को भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं. बिहार की जनता उन्हें और उनके इस कदम के लिए जिम्मेदार दिल्ली में बैठे लोगों को करारा जवाब देगी.” कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बार-बार पाला बदलने और नए गठबंधनों के साथ सरकार बनाने को लेकर कुमार पर कटाक्ष करते हुए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जद (यू) नेता एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं और वह ”नौवीं बार मुख्यमंत्री बन रहे हैं.”

उन्होंने कहा, ”अगर आपको (भाजपा को) 400 (लोकसभा) सीट जीतने का भरोसा है तो आपको ये सब क्यों करना पड़ा. इससे पता चलता है कि आप सच्चाई जानते हैं और इसीलिए आप ऐसी गतिविधियों में लिप्त हैं.” खेड़ा ने कहा कि यह भाजपा पर यात्रा का असर है. यात्रा जहां भी जा रही है, इसका असर वहां हो रहा है. असम में, मुख्यमंत्री यात्रा की सेवा के लिए आए और हमारे प्रचार मंत्री बन गये. जब यात्रा बिहार में प्रवेश कर रही है तो बिहार में यह सब हो रहा है और जब यात्रा शुरू हुई तो मुंबई में हमारे नेता का दल बदलवा दिया गया.

खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश पर राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने, बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम और कांग्रेस नेता मिलिंद देवरा के भाजपा में शामिल होने का जिक्र करते हुए यह बात कही.
उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और उसकी घबराहट साफ नजर आ रही है.

खेड़ा ने कहा, ”ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि जिन लोगों ने 400 से अधिक (सीट) का नारा दिया, वे देश में सच्चाई जानते हैं. जैसा कि हमारे (कांग्रेस) अध्यक्ष ने कहा है कि जो लोग (पार्टी छोड़कर) जाते हैं, उनकी दो मजबूरियां होती हैं, या तो ईडी या सीडी. नीतीश कुमार के जाने का क्या कारण है?” खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि लोगों को कुमार से पाला बदलने की कला सीखनी चाहिए. उन्होंने कहा, ”हम ‘इंडिया’ गुट को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं…और इस संबंध में प्रयास जारी रहेंगे.” कुमार ने रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्हें ‘इंडिया’ और ‘महागठबंधन’ में ”स्थिति ठीक नहीं लग रही थी” इसलिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ नया गठबंधन और नई सरकार बनाने का निर्णय लिया. नीतीश 18 महीने पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को छोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए थे.

शशि थरूर ने एक बार फिर नीतीश को ‘धूर्त और सिद्धांतहीन नेता’ करार दिया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बिहार में महागठबंधन से नाता तोड़ने को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार पर रविवार को कटाक्ष करते हुए उन्हें एक ”धूर्त और सिद्धांतहीन राजनीतिक नेता” करार दिया.
थरूर ने 2017 का अपना सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया, जब कुमार बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस की साझेदारी वाले ‘महागठबंधन’ से अलग हो गए थे और लंबे समय तक तकरार रहने के बावजूद फिर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हाथ मिला लिया था.

थरूर ने 2017 में ट्वीट किया था, ”आज का शब्द! ‘स्नोलीगोस्टर’ अमेरिका में इसका अभिप्राय एक ‘धूर्त, सिद्धांतहीन राजनीतिक नेता’ है. इसका पहला ज्ञात उपयोग 1845 में हुआ था और सबसे हालिया उपयोग 26/7/2017 में हुआ.” कांग्रेस सांसद ने अपने इस पुराने पोस्ट को टैग करते हुए रविवार को ‘एक्स’ पर कहा, ”यह एहसास नहीं था कि एक और दिन इस शब्द का इस्तेमाल होगा – स्नोलीगोस्टर.”

तृणमूल कांग्रेस ने नीतीश कुमार के ‘बार-बार पाला बदलने’ की आलोचना की

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ. तृणमूल कांग्रेस ने ‘बार-बार पाला बदलने’ के लिए जनता दल यूनाइटेड (जद यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार की आलोचना की है. पार्टी ने यह आलोचना नीतीश के बिहार में ‘महागठबंधन’ से अलग होने पर की है.
तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि लोग ऐसी ‘अवसरवादिता’ का माकूल जवाब देंगे.

नीतीश कुमार ने रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि उन्हें ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) और ‘महागठबंधन’ में ”चीजें ठीक नहीं लग रही थीं” इसलिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ नया गठबंधन और नई सरकार बनाने का निर्णय लिया.

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा, ”नीतीश कुमार नियमित अंतराल पर पाला बदलने के लिए जाने जाते हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को छोड़ने का फैसला किया है और उनके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की संभावना है. जनता ऐसी राजनीतिक अवसरवादिता का करारा जवाब देगी.”

नीतीश कुमार का चला जाना ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए फायदेमंद: द्रमुक
तमिलनाडु के सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से गठजोड़ करने के लिए बिहार के सत्तारूढ़ महागठबंधन और फिर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का निकल जाना भाजपा के लिए ‘नुकसानदेह’ और विपक्षी गठबंधन के लिए ‘फायदेमंद’ है.

कुमार के कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए द्रमुक प्रवक्ता जे कांस्टेडाइन रवींद्रन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” लोग इस विश्वासघात को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. वैसे तो कुमार बिहार में अनुभवी नेता हैं लेकिन वह अपनी विश्वसनीयता बिल्कुल खो चुके हैं. उनकी कोई सत्यनिष्ठा नहीं है. सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता किसी भी नेता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.” उन्होंने कहा, ” नीतीश कुमार का इंडिया गठबंधन छोड़कर चले जाना हमारे लिए फायदेमंद है और भाजपा के लिए नुकसानदेह है. लोग सही वक्त पर नीतीश कुमार को सबक सिखायेंगे.” द्रमुक प्रवक्ता ने कहा कि जदयू प्रमुख पांचवीं बार अपनी निष्ठा बदल रहे हैं और वह अगस्त में ही तो बिहार में महागठबंधन में शामिल हुए थे.

नीतीश कुमार को लेकर लालू की बेटी रोहिणी ने कहा- कूड़ा गया फिर से कूड़ेदान में

बिहार में राजनीतिक उथलपुथल के बीच मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले जनता दल (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार पर स्पष्ट रूप से निशाना साधते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने कहा, ”कूड़ा गया फिर से कूड़ेदानी में, कूड़ा मंडली को बदबूदार कूड़ा मुबारक.”

आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक कचरा वाहन की तस्वीर साझा करते हुए कहा, ”कूड़ा गया फिर से कूड़ेदानी में – कूड़ा मंडली को बदबूदार कूड़ा मुबारक.” रोहिणी ने अपने एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नीतीश के बिहार विधानसभा में महिला को लेकर की गयी अभद्र टिप्पणी पर दिए गए बयान को साझा करते हुए कहा, ”थूककर चाटने वाले नेता खुद को ना समझे सूरज जैसा….” उन्होंने अपने भाई और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का एक वीडियो साझा करते हुए एक पोस्ट में कहा, ”जनता जनार्दन के बीच जाएंगे, खुद के साथ-साथ बिहार का हौसला भी बढ़ाएंगे.”

इससे पहले उन्होंने बृहस्पतिवार को भी नीतीश कुमार पर परोक्ष रूप से विवादित टिप्पणी की थी और बाद में उस पोस्ट को डिलीट कर दिया था. बाद में राजद ने दावा किया था कि रोहिणी के सोशल मीडिया पोस्ट का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थे, न कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu