कांग्रेस ने भाजपा के ‘दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक’ विज्ञापनों के खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत की

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकसभा चुनाव में ‘दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक’ विज्ञापन देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को निर्वाचन आयोग का रुख किया और इन पर रोक लगाने की मांग की. पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पांच सूत्री ज्ञापन आयोग को सौंपा. इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य गुरदीप सप्पल शामिल थे.

कांग्रेस ने पहली शिकायत आंध्र प्रदेश में वंचित वर्गों को पेंशन और अन्य लाभार्थी योजनाओं को रोकने से संबंधित थी. उसने आग्रह किया कि विशेष मामले के रूप में इन भुगतानों की बहाली की जाए. उसकी दूसरी शिकायत इस बारे में थी कि कैसे आंध्र में राज्य योजना के विज्ञापनों में अभी भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी की की तस्वीरें हैं.

उसने दावा किया, ”कांग्रेस के अभियान को जॉर्ज सोरोस (अमेरिकी अरबपति) से जोड़ने के भाजपा के दुर्भावनापूर्ण प्रयासों के खिलाफ शिकायत की जा रही है. यह शिकायत झूठे प्रचार के साथ-साथ कांग्रेस को निशाना बनाने के अन्य उदाहरणों को भी कवर करती है. ये सामग्री न केवल स्पष्ट रूप से झूठी हैं, बल्कि दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक भी हैं.” कांग्रेस ने कहा, ”आयोग से अनुरोध है कि वह इस निम्न स्तरीय अभियान के लेखकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे और साथ ही इसे वापस लेने के निर्देश भी जारी करे.

कांग्रेस अपने ज्ञापन में यह दावा भी किया, ”कांग्रेस को बदनाम करने के लिए भाजपा द्वारा काट-छांट किए गए और विकृत वीडियो का बार-बार और दुर्भावनापूर्ण उपयोग किया जा रहा है. आयोग को इस पर भी रोक लगानी चाहिए.” खुर्शीद ने निर्वाचन सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा, ” हम कई मुद्दों को लेकर आए थे. हमने तमिलनाडु से जुड़े मामले में भी एक मुद्दा उठाया था. इसमें हमने कहा कि हमारे केंद्रीय कार्यालय की ओर से पोस्टर अलग-अलग राज्यों में भेजे जाते हैं, जिनका खर्च उम्मीदवारों के खाते में न जोड़ें. इस पर चुनाव आयोग ने कहा है कि हम मामले पर संज्ञान लेंगे और अधिकारियों से कहेंगे.”

सप्पल ने कहा, ” चुनाव आयोग का दिशानिर्देश है कि आप किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा सकते हैं. लेकिन भाजपा ने एक नया तरीका निकाला है, जिसमें वह विज्ञापन में कलाकारों के माध्यम से नेताओं को दर्शा रहे हैं. हमने चुनाव आयोग से इसे रोके जाने की मांग की है.” उन्होंने दावा किया, ”कई ऐसे विज्ञापन हैं, जो जातिवादी घृणा फैला रहे हैं. इनमें कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर भी विज्ञापन हैं. जो कानूनन गलत हैं.” सप्पल ने कहा, ”हमने आयोग से मांग की है कि वे प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर इन भ्रामक व विभाजनकारी विज्ञापनों पर रोक लगाएं.”

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