कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियंक ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘‘नालायक’’ कहा

कलबुर्गी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और पार्टी नेता प्रियंक खरगे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नालायक’ करार दिया, जिस पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने नाराजगी जाहिर की, जबकि कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि इस तरह की टिप्पणी उन्होंने कभी नहीं की थी.

कलबुर्गी जिले के चित्तपुर से फिर से चुनाव लड़ रहे प्रियंक ने कहा कि मोदी का बंजारा समुदाय का बेटा होने का दावा करना और उनकी देखभाल करने का वादा करना ‘नालायक’ था क्योंकि उन्होंने और उनकी पार्टी ने अनुसूचित जाति समुदाय के लिए आरक्षण के बारे में भ्रम पैदा किया था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘जहरीला सांप’’ कहने के कुछ दिनों बाद प्रियंक की यह टिप्पणी आई है.

वहीं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि विपक्षी नेता अपने आकाओं को ‘खुश’ करने के लिए प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका इशारा स्पष्ट रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर था. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, ‘‘चुनाव हारने की हताशा में वह (प्रियंक) अपनी मर्यादा भूल चुके हैं. कुछ दिन पहले उनके पिता ने अपनी बात वापस ली थी. अब, उनकी बारी है. जनता उन्हें सबक सिखाएगी.’’ इस बीच मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि प्रियंक ने कभी ऐसी टिप्पणियां नहीं कीं.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘नहीं, नहीं. यह बहुत गलत है. उसने कभी ऐसा नहीं कहा. यह शब्द उसके मुंह में मत डालिये. उन्होंने उस संसद सदस्य पर हमला किया जिन्होंने उसे गाली दी थी (मोदी को नहीं). इसलिए इन शब्दों को उनके मुंह में मत डालें कि (यह कहते हुए कि वह) मोदी के लिये थे. मुझे खेद है, हर जगह यह (गलत बयान) जानबूझकर किया जा रहा है. सुबह उन्होंने (प्रियंक) इसकी ंिनदा की लेकिन फिर भी आप लोग पूछ रहे हैं.’’

प्रियंक ने प्रधानमंत्री मोदी के एक संबोधन को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘जब आप (प्रधानमंत्री मोदी) गुलबर्गा (कलबुर्गी) आए थे, तो आपने बंजारा समुदाय के लोगों से क्या कहा था? ‘आप सब लोग डरिये मत. बंजारा का एक बेटा दिल्ली में बैठा है’.’’ उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए पूछा, ‘‘ऐसा नालायक बेटा बैठा तो कैसे होता भाई? घर कैसे चलेगा?’’ प्रियंक ने आगे कहा कि हालांकि मोदी बंजारा समुदाय के बेटे होने का दावा करते हैं, लेकिन कर्नाटक में भाजपा शासन द्वारा आरक्षण पर भ्रम पैदा किया गया.

उन्होंने कहा, ‘‘क्या बंजारा समाज के साथ अन्याय नहीं हुआ? शिकारीपुरा (शिवमोगा जिले में) में येदियुरप्पा के घर पर पत्थर क्यों फेंके गए? कलबुर्गी और जेवरगी में बंद क्यों रखा गया? आज आरक्षण को लेकर भ्रम की स्थिति है.’’ सिद्धरमैया सरकार में मंत्री रहे प्रियंक ने कहा, ‘‘अपनी पिछली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह कोली समुदाय और कबालीगा और कुरुबा समुदाय का बेटा हैं. आज वह खुद को बंजारा समाज का बेटा बताते हैं.’’

अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में, राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने और अनुसूचित जाति समुदायों के लिए आंतरिक कोटा प्रदान करने के लिए एक विधेयक पारित किया. इससे बंजारों जैसे लोगों के वर्गों में रोष फैल गया, जिन्हें डर था कि आंतरिक आरक्षण के कारण आरक्षण में उनका हिस्सा कम हो जाएगा. भाजपा ने कांग्रेस पर दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाया है.

नड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ‘मानसिक दिवालियेपन’ से गुजर रही है और उसके नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने में गांधी परिवार का अनुसरण कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘वे अपने वरिष्ठ नेताओं को खुश करने के लिए ऐसा कर रहे हैं.’’ भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस पहले ही दक्षिणी राज्य में चुनाव हार चुकी है और इसी ‘हताशा’ में उसके नेता मुंह से ‘जहर’ उगल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि लोग इस तरह की भाषा को स्वीकार नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए लोगों का प्यार बढ़ ही रहा है.
भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने प्रियंक खरगे पर तंज कसते हुए पूछा कि अगर वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे नहीं होते तो वह क्या कर रहे होते?

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कोई अनुमान लगा सकता है क्या! अपने पिता की बदौलत यहां तक पहुंचा व्यक्ति लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री को ‘नालायक’ कह रहा है. प्रधानमंत्री से असहमत होना, उनकी आलोचना करना ठीक है लेकिन इस प्रकार की टिप्पणी की जाती है तो यह उनके भ्रष्ट दिमाग को दर्शाता है. जूनियर खरगे को अपनी सीट बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.’’

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