
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता संबंधी दावा एक बार फिर से किए जाने के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ’56 इंच का सीना’ पूरी तरह सिकुड़ चुका है और वह पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने यह दावा 56 बार किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने एक ताजा बयान में फिर यह दावा किया है कि उन्होंने व्यापार नहीं करने का हवाला देकर भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल मई में संघर्ष विराम करवाया था.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान “सात ब्रांड न्यू और शानदार विमान” मार गिराए गए थे.
रमेश ने ट्रंप के ताजा बयान का वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”राष्ट्रपति ट्रंप कुछ ही मिनट पहले दक्षिण कोरिया में ‘एपेक सीईओ’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इस बार पहले से कहीं ज़्यादा विस्तार से बोले. यह 56वीं बार है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने की बात सार्वजनिक रूप से उठाई है.” उन्होंने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”लेकिन खुद का 56 इंच का सीना बताने वाले का सीना अब पूरी तरह सिकुड़ चुका है और पूरी तरह बेनक.ाब होने के बाद भी वह चुप हैं.”
इससे पहले उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ”ट्रंप ने यह बात (मध्यस्थता का दावा) अमेरिका, कतर, सऊदी अरब, मिस्र और ब्रिटेन में कही है. उन्होंने यह बात उड़ान के दौरान भी कही है और ज.मीन पर भी.” कांग्रेस नेता का कहना था कि अब राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार शाम जापान में उद्यमियों को संबोधित करते हुए यह बात एक बार फिर दोहराई.
अमेरिकी राष्ट्रपति कई बार यह दावा भी कर चुके हैं कि उन्होंने इस साल मई में शुल्क लगाने और व्यापार नहीं करने की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाया था. भारत भी बार-बार यह स्पष्ट करता रहा है कि इस साल मई में पाकिस्तान के सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) द्वारा संपर्क किए जाने पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर विचार हुआ था.
धड़खड़ 100 दिनों से खामोश हैं, उनका विदाई समारोह भी नहीं हुआ : कांग्रेस
कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को अपने पद से इस्तीफा दिए 100 दिन बीत गए हैं, लेकिन वह अब तक खामोश हैं और उनका विदाई समारोह भी नहीं हुआ है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बार यह दावा किया था कि धनखड़ को त्यागपत्र देने के लिए मजबूर किया गया था.
धनखड़ ने इस साल संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में ही स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारतीय राजनीति के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना को घटित हुए ठीक 100 दिन हो गए हैं. 21 जुलाई की देर रात अचानक और आश्चर्यजनक रूप से, भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया था. उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था, भले ही उन्होंने दिन-ब-दिन प्रधानमंत्री की प्रशंसा की हो. ”
उन्होंने कहा, “रोजाना सुर्खियों में रहने वाले पूर्व उप राष्ट्रपति 100 दिनों से बिल्कुल खामोश हैं. ” रमेश ने कहा, “राज्यसभा के सभापति के रूप में पूर्व उप राष्ट्रपति विपक्ष के अच्छे मित्र नहीं थे. वह लगातार और गलत तरीके से विपक्ष की खिंचाई करते रहते थे. फिर भी, लोकतांत्रिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए, विपक्ष कहता रहा है कि वह कम से कम अपने सभी पूर्वर्वितयों की तरह विदाई समारोह के हकदार हैं. ऐसा नहीं हुआ है.”



