कांग्रेस बिहार चुनाव में राजद की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाना चाहती है : मोदी

छपरा/मुजफ्फरपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाना चाहती है और इसलिए उसने उन नेताओं को मैदान में उतारा है जिन्होंने राज्य का अपमान किया है. मोदी ने कहा कि कांग्रेस और राजद के संबंध तेल और पानी की तरह हैं और दोनों पार्टियां सत्ता हथियाने के लिए एक साथ आई हैं ताकि वे राज्य को ”लूट” सकें.

मुजफ्फरपुर और छपरा में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ”इस चुनाव में मेरे विरोधियों द्वारा मुझ पर आक्षेप लगाना सबसे बड़ी खबर नहीं है. सबसे बड़ी खबर कांग्रेस और राजद के बीच खींचतान है, जो केवल सत्ता हासिल करने के लिए एक साथ आए हैं. दोनों दलों के नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में ही व्यस्त हैं.” उनका इशारा उचित सीट-बंटवारे को लेकर सहमति बनाने में विपक्षी गठबंधन की असमर्थता की ओर था, जिसके कारण कई विधानसभा क्षेत्रों में इसके घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं.
मोदी ने दावा किया, ”कांग्रेस और राजद का गठबंधन तेल और पानी के मिश्रण जैसा है. आप दोनों को एक गिलास में डालकर देखिए. ये कभी एक नहीं हो सकते.”

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा, ”हम दो युवराजों को काम करते हुए देख रहे हैं. एक देश के सबसे भ्रष्ट परिवार से ताल्लुक रखते हैं जबकि दूसरे बिहार के सबसे भ्रष्ट परिवार से हैं. और दोनों जमानत पर बाहर हैं.” गांधी मानहानि के एक मामले में जमानत पर हैं, जिसके कारण उन्हें 2023 में लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. यादव नौकरी के लिए जमीन घोटाले में आरोपी हैं और दिल्ली की एक अदालत ने हाल में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जिनमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद भी शामिल हैं.

मोदी ने चरणजीत सिंह चन्नी और प्रियंका गांधी वाद्रा से जुड़ी कुछ साल पहले की घटना का जिक्र करते हुए कहा, ”पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने एक रैली में बिहारियों को भगाने की बात कही थी और कांग्रेस के एक बड़े परिवार की बेटी, जो अब संसद में बैठती हैं, बस हंसती रहीं और ताली बजाती रहीं.” उन्होंने कहा, ”तेलंगाना और तमिलनाडु में भी बिहारियों पर हमले हो रहे हैं. लेकिन उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बिहार में चुनाव प्रचार के लिए लाया जा रहा है. क्या कांग्रेस की रणनीति राज्य के लोगों के मन में घृणा पैदा करके राजद को नुकसान पहुंचाने की है.” तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एमके स्टालिन और कांग्रेस शासित तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कुछ महीने पहले गांधी और यादव के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल होने के लिए बिहार आये थे.

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