कांग्रेस की बिहार इकाई में टिकट वितरण को लेकर घमासान, नेताओं का प्रदेश नेतृत्व पर पक्षपात का आरोप

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस एक बार फिर आंतरिक विवादों में घिरती नजर आ रही है। टिकट वितरण को लेकर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुले मंच से पार्टी नेतृत्व पर पक्षपात और मनमानी के आरोप लगाए हैं। पटना में कांग्रेस के ‘रिसर्च सेल’ के अध्यक्ष आनंद माधव, पूर्व प्रत्याशी गजानंद शाही, छत्रपति तिवारी, नागेंद्र प्रसाद विकल, रंजन ंिसह, बच्चू प्रसाद ंिसह और बंटी चौधरी सहित कई नेताओं ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन कर प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजेश राम पर गंभीर आरोप लगाए।

इन नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई अब ह्लकुछ नेताओं के निजी दलालोंह्व के हाथों में बंधक बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर ऐसे चेहरों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी राजनीतिक प्रासंगिकता सीमित है और पहचान केवल धनबल के आधार पर है।

असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि यह विवाद केवल टिकट मिलने या न मिलने का नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर विचारधारा और कर्मठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर है। उन्होंने कहा कि जब टिकट वितरण का आधार संगठनात्मक सक्रियता के बजाय व्यक्तिगत समीकरण और आर्थिक हैसियत बन जाए, तो पार्टी अपनी वैचारिक पहचान खोने लगती है।

हालांकि, इन नेताओं ने सीधे तौर पर राहुल गांधी की आलोचना नहीं की, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाया कि ह्लराहुल गांधी के भरोसे का दुरुपयोग हुआ है।ह्व नेताओं का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व की निगरानी कमजोर रही है, जिसके चलते निर्णय प्रक्रिया में पारर्दिशता खत्म हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल कांग्रेस के अंदरूनी असंतोष का संकेत नहीं है, बल्कि महागठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान को भी दिखाता है। बिहार में जहां सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन के घटक दलों में मतभेद हैं, वहीं कांग्रेस के भीतर यह बगावत महागठबंधन की एकजुटता पर भी असर डाल सकती है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान को असंतुष्ट नेताओं से संवाद कायम करने और टिकट वितरण प्रक्रिया की समीक्षा करने की सलाह दी गई है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया, तो वे आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।

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