कांग्रेस की वंशवाद की राजनीति प्रतिभाशाली युवाओं को राजनीति में आने से रोक रही है: हिमंत

नगांव. कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील के समागुरी विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने को लेकर उन पर निशाना साधते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्षी पार्टी की ‘वंशवाद की राजनीति’ प्रतिभाशाली युवाओं को राजनीति में आने से रोक रही है.

शर्मा ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) करीब डेढ़ लाख युवाओं को राजनीति की ओर आर्किषत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है ताकि आने वाले सालों में देश के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार दिया जा सके.
उन्होंने कहा, ”समागुरी विधानसभा सीट में हम न केवल कांग्रेस से लड़ रहे हैं, बल्कि एक परिवार की अगुवाई वाले और गहराई तक जड़ें जमा चुके भ्रष्ट तंत्र से संघर्ष कर रहे हैं. हम उन लोगों के आभारी हैं जिन्होंने इस लड़ाई में हमारे साथ आने का फैसला किया है.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हुसैन ने हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में धुबरी सीट से 10 लाख से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल की थी और वह किसी अन्य परिश्रमी कांग्रेस कार्यकर्ता को समागुरी विधानसभा के लिए टिकट दिला सकते थे, लेकिन उन्हें अपनी संतानों के अलावा किसी और पर भरोसा नहीं है.

उन्होंने कहा, ”क्या कोई बता पाएगा कि तंजील के बाद समागुरी में विधायक कौन होगा? जाहिर है, उनका बेटा ही होगा. उनके बच्चे और नाती-पोते ही भावी नेता होंगे.” शर्मा ने कहा कि समागुरी में हमेशा वंशवादी राजनीति ही देखने को मिली है क्योंकि पहले नूरूल हुसैन थे, फिर उनके बेटे रकीबुल हुसैन आए और अब तंजील मैदान में हैं.

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