देवी काली पर टिप्पणी को लेकर टीएमसी-भाजपा के बीच विवाद जारी

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा की देवी काली पर टिप्पणी को लेकर विवाद एक सप्ताह बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं, टीएमसी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस मुद्दे का राजनीतिकरण बंद करने और धर्म को राजनीति के साथ मिलाने से परहेज करने का आग्रह किया.

भाजपा ने आश्चर्य जताया कि मोइत्रा की पांच जुलाई को की गई टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई. भाजपा के आईटी प्रमुख अमित मालवीय ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवी के बारे में श्रद्धापूर्वक बोलते हैं, जबकि ‘‘एक टीएमसी सांसद उनका अपमान करती हैं’’ और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, मां काली पर सांसद के ‘‘अप्रिय’’ चित्रण का बचाव कर रही हैं. मालवीय के इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच विवाद फिर से शुरू हो गया.

रविवार को रामकृष्ण मिशन के एक कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देवी काली का आशीर्वाद हमेशा देश के साथ है, जो दुनिया के कल्याण के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है. मालवीय के ट्विटर पर बयान पोस्ट करने के तुरंत बाद, मोइत्रा ने बिना किसी का नाम लिए पलटवार किया.

मोइत्रा ने ट्वीट किया, ‘‘बंगाल के लिए भाजपा के ट्रोल-इन-चार्ज को सलाह दूंगी कि अपने आकाओं को उन चीजों पर टिप्पणी करना बंद करने के लिए कहें जिनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. दीदी ओ दीदी ने उनको बाहर का रास्ता दिखाया. अब मां ओ मां उनके सीने पर पैर रखेगी.’’ वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का उपहास उड़ाने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘‘दीदी ओ दीदी’’ तंज का जिक्र कर रही थीं, जिन्हें 2021 के विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान आमतौर पर उनके समर्थक दीदी कहकर संबोधित करते थे.

पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी मालवीय ने एक ताजा ट्वीट में दावा किया कि मोइत्रा एक नेता के रूप में अपना कद घटने के डर से इस मुद्दे पर बनर्जी के फरमान का पालन नहीं कर रही हैं. टीएमसी इससे पहले सांसद की विवादास्पद टिप्पणी की निंदा कर चुकी है.
टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने सोमवार को पूछा कि इस मामले पर टिप्पणी करने वाले मालवीय कौन होते हैं. सौगत रॉय ने कहा, ‘‘मोइत्रा ने जो कहा, उसकी पार्टी पहले ही निंदा कर चुकी है. उन्होंने जो कहा, उसका पार्टी समर्थन नहीं करती है. लेकिन हमें भाजपा से सीख लेने की जरूरत नहीं है. उन्हें धर्म को राजनीति के साथ मिलाना बंद कर देना चाहिए.’’

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने आश्चर्य जताया कि टीएमसी ने अब तक मोइत्रा के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने कहा, ‘‘न तो महुआ मोइत्रा को पुलिस ने तलब किया है और न ही उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है. ऐसा लगता है कि टीएमसी ने बस एक बयान जारी कर उनकी टिप्पणी की निंदा करने का केवल दिखावा किया है.’’

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