न्यायालय के फैसले में सेबी के प्रति ‘असाधारण तरीके से उदारता’ : कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 03 Jan 2024 08:15 PM
न्यायालय के फैसले में सेबी के प्रति ‘असाधारण तरीके से उदारता’ : कांग्रेस
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अडाणी समूह के लेनदेन से जुड़े कुछ मामलों पर उच्चतम न्यायालय का फैसला सेबी के लिए ‘असाधारण तरीके से उदार’ साबित हुआ है. कांग्रेस ने यह भी कहा कि सांठगांठ वाले पूंजीवाद तथा मूल्यों, रोजगार पर उसके बुरे प्रभावों के खिलाफ पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी.

उच्चतम न्यायालय ने अडाणी समूह को बड़ी राहत देते हुए, समूह द्वारा शेयर मूल्य में हेराफेरी किए जाने के आरोपों की जांच विशेष जांच दल से कराने से बुधवार को इनकार कर दिया. न्यायालय ने साथ ही बाजार नियामक सेबी से दो लंबित मामलों की जांच तीन माह के भीतर करने के निर्देश दिए.

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी ने कहा, ”माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले ने साबित कर दिया है कि सत्यमेव जयते.” इस फैसले पर अपने बयान में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अडाणी पर निशाना साधते हुए कहा, ”जब हम पिछले दशक में व्यवस्था को मजाक बनाने वाले, उसके साथ छेड़छाड़ करने वाले और उसे नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को सत्यमेव जयते बोलते हुए सुनते हैं तो सच हजार बार मरता है.”

उन्होंने कहा कि अडाणी समूह के लेनदेन से जुड़े कुछ मामलों पर उच्चतम न्यायालय का फैसला भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के लिए ‘असाधारण तरीके से उदार’ साबित हुआ है. रमेश ने कहा कि गौरतलब है कि सेबी ने उच्चतम न्यायालय की विशेषज्ञ समिति के कहने के दस महीने बाद भी अडाणी समूह द्वारा प्रतिभूति कानूनों के उल्लंघन तथा स्टॉक छेड़छाड़ के मामले में अपनी जांच पूरी नहीं की है.

उन्होंने कहा, ”यह स्पष्ट नहीं है कि अगले तीन महीने में लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के अलावा क्या बदलेगा.” कांग्रेस नेता ने अपने बयान में इशारा किया कि संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग परियोजना समेत हाल में हुए अधिकतर खुलासों में उन 13 बेनामी शेल कंपनियों में से दो के वास्तविक स्वामित्व का पता चला है जिनकी पहचान सेबी सालों की जांच के बावजूद नहीं कर पाई.

रमेश ने आरोप लगाया, ” ‘मोडाणी’ विशाल घोटाले के संबंध में सेबी का कार्यक्षेत्र प्रतिभूति नियमों के उल्लंघन तक सीमित है. उदाहरण के लिए, यह इस पर गौर नहीं करेगी कि कैसे मोदी सरकार ने अडाणी को हवाई अड्डों का पूरी तरह एकाधिकार सौंपने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय की आपत्तियों पर बोली की शर्तों में हेरफेर की, और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्तियों को प्रधानमंत्री के दोस्तों के हाथों में देने के लिए ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया है.”

उन्होंने कहा, ”क्या प्रधानमंत्री ने भारतीय स्टेट बैंक पर एक बैठक में अडाणी को 100 करोड़ डॉलर से अधिक ऋण देने के लिए एक एमओयू (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया था या मोदी सरकार ने महत्वपूर्ण पड़ोसी देशों को महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रधानमंत्री के पसंदीदा कारोबारी को सौंपने के लिए कैसे मजबूर किया.”

अडाणी मामले में न्यायालय का फैसला निराशाजनक :माकपा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो ने बुधवार को अडाणी मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को ‘निराशाजनक’ करार देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने इस फैसले के साथ अपनी साख को बढ़ाया नहीं है. माकपा ने एक बयान में कहा, ”अडाणी मामले में निष्पक्ष जांच की याचिकाओं को खारिज करने का उच्चतम न्यायालय का फैसला कई आधार पर निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है. सेबी जैसा वैधानिक निकाय अडाणी समूह के खिलाफ आरोपों की तेजी से जांच के अपने कर्तव्य को पूरा नहीं कर रहा है.” पार्टी ने कहा, ”डीआरआई ने 2014 में अडाणी के खिलाफ सीधे आरोप पर सेबी को मामला भेजा था. 2021 में संसद को सूचित किया गया था कि सेबी अडाणी के खिलाफ आरोपों में जांच कर रहा है लेकिन अदालत में अपने हलफनामे में सेबी ने इस तरह की जांच की बात को खारिज कर दिया था.” माकपा ने कहा, ”हैरानी की बात है कि अदालत ने सेबी से यह सवाल पूछे बिना कि उसने शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं की, उसकी कही बात पर इस तरह के इनकार को स्वीकार कर लिया.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu