नीट पर न्यायालय का फैसला कांग्रेस की ओछी राजनीति की हार : प्रधान

नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक मामले पर उच्चतम न्यायालय का फैसला छात्रों की हार नहीं बल्कि कांग्रेस के “गैरजिम्मेदाराना रवैये” और “ओछी राजनीति” की हार है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पर्चा लीक और भ्रष्टाचार की “जनक” है.

प्रधान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि परीक्षा की शुचिता में कोई व्यवस्थागत उल्लंघन नहीं पाया गया है. कांग्रेस को भारत सरकार पर तो नहीं पर क्या माननीय उच्च न्यायालय पर भी भरोसा नहीं है? नीट मामले पर उच्चतम न्यायालय का फैसला विद्यार्थियों की नहीं कांग्रेस के गैरजिम्मेदाराना रवैये, कुतर्क और ओछी राजनीति की हार है.” शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से राजस्थान में जब उनकी पार्टी सत्ता में थी तब हुए पेपर लीक को लेकर सवाल किया.

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “राजस्थान में भाजपा सरकार आने से पूर्व खटा-खट हुए पेपर लीक क्या खरगे जी के संज्ञान में नहीं हैं? अपनी सरकार में हुए पेपर लीक पर खरगे जी ने मुंह में दही क्यों जमा रखी थी. कांग्रेस पेपर लीक और भ्रष्टाचार की जनक है.” प्रधान ने कहा, “देश की जनता ने कांग्रेस को लगातार तीसरी बार नकारा है. लगातार तीसरी बार हार कांग्रेस पचा नहीं पा रही है. राजनीतिक रोटियां सेकने और तेजी से फिसलती हुई अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए कांग्रेस के पास झूठ, आधा सच और अराजकता एकमात्र सहारा है.”

नीट-यूजी 2024 के असफल अ्भ्यियथयों को बड़ा झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को विवादों से भरी इस परीक्षा को रद्द करने और दोबारा कराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि इसकी शुचिता के “व्यवस्थागत उल्लंघन” के कारण यह “दूषित” हुई है.

यह फैसला राजग सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के लिए राहत की बात है, जो पांच मई को आयोजित प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण जैसे बड़े पैमाने पर कदाचार के आरोप में सड़कों और संसद में कड़ी आलोचना और विरोध का सामना कर रहे थे.

प्रधान ने आरोप लगाया, “खरगे जी, ना तो आपको, ना आपके नेता राहुल गांधी, ना आपकी पार्टी को विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता है. आपको केवल अपने और एक परिवार के भविष्य की चिंता है.” उन्होंने कहा, “तथ्यों और सच के साथ ऐसा खिलवाड़, आपकी बुद्धिमानी पर एक बड़ा सवाल है. भारत की परीक्षा व्यवस्था की छवि को धूमिल करना और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद कीजिए.”

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