
मुंबई. इस ‘बदलते दौर’ में फिल्म निर्माण के दौरान आने वाली बाधाओं के संदर्भ में फिल्म निर्माता करण जौहर ने कहा कि ‘पाबंदी और संतुलन’ चलता रहता है लेकिन रचनात्मक लोग उन कहानियों को सामने लाने से नहीं डरते जो वे कहना चाहते हैं. जौहर सोमवार को मुंबई में ”एक्सप्रेस अड्डा” में इंडियन एक्सप्रेस के कार्यकारी निदेशक अनंत गोयनका और फिल्म समीक्षक शुभ्रा गुप्ता के साथ बातचीत कर रहे थे.
जब गुप्ता ने पूछा कि क्या वह फिल्में बनाते समय बाधाओं को ध्यान में रखते हैं तो जौहर ने कहा, ”बाधाएं हमेशा ही किसी ने किसी रूप में आती रही हैं, लेकिन अंतत: आपको ऐसी फिल्म बनानी है, जिसे आप बनाना चाहते हैं और जिस पर आप विश्वास करते हैं.” फिल्म निर्माता ने कहा, ”जब आप संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाना चाहते हैं जो देश के लिए संवेदनशील है, तो फिल्म निर्माता के तौर पर आपके पास कानूनी विभाग है जो आपको इसके लिए आगाह करता रहता है.” उन्होंने कहा, ”…रचनात्मक लोग भयभीत नहीं हैं. मुझे नहीं लगता कि कोई डर है… वे उन कहानियों को सामने लाने से नहीं डरते हैं जो वे लाना चाहते हैं.”



