वियतनाम में चक्रवात ‘बुआलोई’ का कहर: नौ की मौत

हनोई. चक्रवात ‘बुआलोई’ से हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मध्य वियतनाम में सड़कें जलमग्न हो गईं, छतें उड़ गईं और कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई. सरकारी मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गयी. बाद में यह चक्रवात कमजोर होकर तूफान के रूप में सोमवार को लाओस की ओर ब­ढ़ गया.

चक्रवात से भारी तबाही हुई, जिसने मकानों, स्कूलों और बिजली के खंभों को क्षतिग्रस्त कर दिया, कई अस्थायी पुल बह गए और कई प्रान्तों में सड़कें एवं निचले जलमार्ग डूब गए. शहरों में बा­ढ़ के कारण वाहन पानी में डूब गए और ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के समुदाय का शेष स्थानों से संपर्क कट गया. खबर के अनुसार थान्ह होआ प्रांत में एक स्थानीय अधिकारी जब चक्रवात से बचाव की तैयारी के कामों को पूरा करने के बाद रात में लौट रहा था तो उसके ऊपर पेड़ गिरने से उसकी मौत हो गयी. ‘ू शहर में एक व्यक्ति बा­ढ़ के पानी में बह गया. एक अन्य मौत दानांग में हुई.

वियतनाम के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे चक्रवात का केंद्र न्घे आन प्रान्त एवं लाओस की सीमा के बीच था, जहां हवा की गति 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी. उन्होंने कहा कि यह मध्य लाओस के भीतरी हिस्सों की ओर बढ़ जाएगा. वियतनामी अधिकारियों ने मछली पकड़ने वाली नौकाओं को समुद्र में उतरने से रोक दिया गया है और चार तटीय हवाई अड्डों पर परिचालन निलंबित कर दिया. नौ मौतों में से छह प्राकृतिक सुन्दरता वाले प्रांत नन्ह बिन्ह में हुईं, जहां तेज हवाओं के कारण मकान ढह गए. क्वांग त्रि प्रांत में तट पर खड़ी मछली पकड़ने वाली नाव के लंगर की रस्सियां तेज हवाओं के कारण टूट गईं, जिससे नौका और उस पर सवार नौ चालक दल के सदस्य बह गए. इनमें से चार तैरकर किनारे तक पहुंचने में सफल रहे. गिया लाइ प्रांत में परिवारों ने मछली पकड़ने गए आठ मछुआरों से संपर्क टूटने की सूचना दी.

सरकारी मीडिया ने बताया कि रविवार आधी रात के बाद चक्रवात के तट से टकराने से पहले 3,47,000 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई थी. तेज हवाओं से राजमार्गों के किनारे घरों की लोहे की चादर वाली छतें उड़ गई और कंक्रीट के खंभे गिर गए. चक्रवात के उम्मीद से तेज गति से आगे ब­ढ़ने के कारण वियतनाम ने मध्य और उत्तरी प्रान्तों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. चक्रवात ने देर रात लगभग 12:30 बजे उत्तरी तटीय प्रान्त हा तिन्ह के तट पर दस्तक दी थी. इसके कारण 133 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं तथा समुद्र में एक मीटर से अधिक ऊंची तूफानी लहरें उठीं और भारी बारिश आई.

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