चक्रवात ‘दाना’: ओडिशा में 14 जिलों के 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा

भुवनेश्वर. चक्रवात ‘दाना’ ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है, जिससे राज्य की लगभग आधी आबादी प्रभावित होने का खतरा है. सरकार 14 जिलों के लगभग 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर योजना को अंजाम देने की तैयारी कर रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को कहा कि चक्रवात के शुक्रवार तड़के लगभग 70 किलोमीटर दूर भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और धामरा बंदरगाह के बीच पहुंचने का अनुमान है.

आईएमडी ने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने की प्रक्रिया 24 अक्टूबर की रात से शुरू होगी और 25 अक्टूबर की सुबह तक जारी रहेगी.
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने के दौरान अधिकतम गति लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है. उन्होंने कहा कि चक्रवात की दस्तक प्रक्रिया धीमी होती है, जिसमें आमतौर पर 5-6 घंटे लगते हैं.

उन्होंने कहा, “इसलिए, 24 अक्टूबर की रात से 25 अक्टूबर की सुबह के बीच चक्रवात के दस्तक देते समय भारी बारिश, हवा और तूफानी लहरें चरम पर होंगी.ह्व आईएमडी के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और पारादीप (ओडिशा) से लगभग 490 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, धामरा (ओडिशा) से 520 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व और सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) से 570 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है.

भुवनेश्वर में स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बताया कि चक्रवात के तट पर पहुंचने के दौरान दो मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है तथा चक्रवात 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तट से टकराएगा. दास ने चेतावनी दी कि केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिलों के निचले इलाकों में पानी भर जाने की आशंका है. उन्होंने सरकार से इन क्षेत्रों से निवासियों को हटाने तथा सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का अनुरोध किया.

चक्रवात की आमद के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और अग्निशमन सेवाओं की 288 बचाव टीमें तैनात की गई हैं, तथा एनडीआरएफ से अतिरिक्त र्किमयों की मांग की गई है.
सरकार ने 14 जिलों को जोखिमग्रस्त घोषित किया है. तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि अंतर्देशीय क्षेत्रों में भारी से लेकर अत्यंत भारी वर्षा होने का अनुमान है. इन 14 जिलों में अंगुल, पुरी, नयागढ़, खोरधा, कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, भद्रक, बालासोर, क्योंझर, ढेंकनाल, गंजम और मयूरभंज शामिल हैं.

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, “राज्य ने 14 जिलों में मुख्य रूप से तटीय क्षेत्र में 3,000 से अधिक संवेदनशील स्थानों (गांवों) की पहचान की है तथा लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. चक्रवात दाना के आने से पहले लगभग 10,60,336 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की संभावना है.” राज्य ने लगभग 6,000 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां विस्थापित लोगों को पका हुआ भोजन, बच्चों के लिए दूध, चिकित्सा देखभाल, सुरक्षित पेयजल और महिलाओं के लिए सुरक्षा उपलब्ध होगी.

आईएमडी ने आगाह किया है कि चक्रवात ‘दाना’ के कारण राज्य में भारी वर्षा होगी. आईएमडी ने कहा कि 23 अक्टूबर की शाम से अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, तथा बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और खोरधा के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेंटीमीटर) होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने कहा कि 24 और 25 अक्टूबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है और बालासोर, मयूरभंज व जाजपुर जिलों में अलग-अलग क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा (21 सेंटीमीटर से अधिक) हो सकती है.

आईएमडी ने चक्रवात के गुजर जाने तक बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने समेत सभी समुद्री गतिविधियों पर रोक लगा दी है.
पुजारी ने कहा, “मंगलवार शाम तक सभी मछुआरे तट पर लौट चुके हैं.” इस बीच, ओडिशा के केंद्रपाड़ा और भद्रक जिलों के कुछ हिस्सों में बुधवार दोपहर को बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति देखी गई. आईएमडी ने कहा कि चक्रवात दाना के बाहरी दायरे ने पूर्वी तटरेखा को प्रभावित करना शुरू कर दिया है.

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