तूफान मोंथा के चलते कई राज्यों में रेड अलर्ट: कई ट्रेनें-फ्लाइट रद्द, एनडीआरएफ तैनात

विशाखापत्तनम: मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि चक्रवाती तूफान मोंथा आज आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान मोंथा आज रात आंध्र प्रदेश के काकीनाडा इलाके में तट से टकराएगा। चक्रवाती तूफान के असर से देश के कई तटीय राज्यों में भारी बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

कौन रखता है तूफानों के नाम?

हिंद महासागर में चक्रवातों की निगरानी के लिए WMO-ESCAP (Economic and Social Commission for Asia and the Pacific) नामक संगठन बनाया गया। यही तय करता है कि तूफानों के नाम कैसे तय होंगे और कौन इन्हें रखेगा। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आने वाले तूफानों के नाम देने वाली टीम में पहले 8 देश शामिल थे, जिनमें- भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान श्रीलंका और थाईलैंड का नाम शामिल था। साल 2018 में WMO-ESCAP की एक और बैठक हुई और इसी बीच नाम रखने वाले देशों की लिस्ट में पांच नए देशों का नाम भी शामिल हो गया। यानी अब कुल 13 देश मिलकर तूफानों के नाम रखते हैं। इनमें – भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, यूएई, यमन, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार और ओमान शामिल हैं। इनमें से हर देश 13 नाम सुझाता है, जो बोलने में आसान और किसी भी तरह से विवादित नहीं होते हैं।

क्यों रखे जाते हैं तूफानों के नाम?

तूफानों के नाम रखने के पीछे का मकसद उन्हें लेकर ज्यादा से ज्यादा जानकारी लोगों तक पहुंचाना होता है। तूफानों के नाम काफी आसान रखे जाते हैं और ये अलग-अलग भाषा के होते हैं। आज आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाले चक्रवाती तूफान का नाम मोंथा, थाई भाषा का शब्द है। थाई भाषा में मोंथा का मतलब ‘सुगंध से भरा हुआ एक फूल’ होता है।

तूफान प्रभावित इलाकों में हो सकती है बिजली संबंधी समस्या

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ सकते हैं और बिजली के खंभे भी गिर सकते हैं। इससे पावर सप्लाई और मोबाइल नेटवर्क की समस्या हो सकती है।

ओडिशा सीएम ने तैयारियों की समीक्षा की

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवाती तूफान मोंथा से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की मौजूदगी में, भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने की। ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी मनोज आहूजा, SRC डी. के. सिंह, DGP योगेश बहादुर खुराना, फायर सर्विसेज के DG सुधांशु सारंगी, IMD डायरेक्टर मनोरमा मोहंती और संबंधित विभागों के सीनियर अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। चक्रवाती तूफान से प्रभावित होने वाले इलाकों के जिलाधिकारी भी इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।

तूफान प्रभावित इलाकों में लोगों को घरों में रहने की सलाह

मौसम विभाग भुवनेश्वर की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने कहा, ‘चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मोंथा अब पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है और गोपालपुर से लगभग 550 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में है। इसके उत्तर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आज एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है और यह उत्तर उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ना जारी रखेगा और आज शाम या रात के दौरान काकीनाडा के आसपास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है। ओडिशा के लिए, गंजम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कालाहांडी के लिए रेड अलर्ट जारी की गई है जहां बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। आम लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।’

एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में चक्रवाती तूफान की आहट के प्रभाव से भारी बारिश और तूफान की हालत है। एनडीआरएफ टीम प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

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