ओडिशा के करीब पहुंचा चक्रवाती तूफान ‘दाना’, तटीय इलाकों में भारी बारिश

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 24 Oct 2024 08:18 PM
ओडिशा के करीब पहुंचा चक्रवाती तूफान ‘दाना’, तटीय इलाकों में भारी बारिश

ऑडियो सुनें

भुवनेश्वर. भीषण चक्रवाती तूफान ‘दाना’ बृहस्पतिवार दोपहर ओडिशा तट के नजदीक पहुंच गया तथा इसके प्रभाव के चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने के साथ ही तेज हवाएं चल रही हैं वहीं समुद्र भी अशांत है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी.

राज्य सरकार ने तटीय जिलों में लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के प्रयास भी तेज कर दिये हैं. राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्राकृतिक आपदा से एक भी व्यक्ति हताहत नहीं हो. मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात के शुक्रवार तड़के ओडिशा के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और धामरा बंदरगाह के बीच पहुंचने का अनुमान है और हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक तक रह सकती है.

आईएमडी ने अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान ‘दाना’ पिछले छह घंटे के दौरान 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा है और यह पारादीप (ओडिशा) से लगभग 210 किलोमीटर दक्षिणपूर्व, धामरा (ओडिशा) से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) से 310 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है.

मौसम विभाग ने नवीनतम बुलेटिन में बताया, ”चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने तथा 24 अक्टूबर की मध्य रात्रि से 25 अक्टूबर की सुबह तक पुरी और सागर द्वीप के बीच उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट को पार करने का अनुमान है और इस दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.” अधिकारियों ने बताया कि बालासोर, भद्रक, भितरकनिका और पुरी के कुछ इलाकों से पेड़ उखड़ने की खबरें मिली हैं, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं.

माझी ने बताया कि करीब तीन लाख लोगों को विभिन्न चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है और यह अभियान जारी है.
अब तक कुल 7,285 चक्रवात आश्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं और 91 चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि लोगों को स्थानांतरित करने और अवरुद्ध सड़कों को साफ करने के लिए अधिकारियों ने एनडीआरएफ के 19 दल, ओडीआरएएफ के 51 दल और अग्निशमन सेवा र्किमयों को भी लगाया है. मौसम विभाग ने बताया कि पिछले चार घंटों में पारादीप में सबसे अधिक 62 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि केंद्रपाड़ा जिले के राजनगर में 24 मिलीमीटर बारिश हुई.

उसने बताया कि दिन के दौरान भद्रक, बालासोर, जाजपुर, कटक, खुर्दा, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और पुरी जिलों के कुछ हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवा चलने के साथ मध्यम से तीव्र बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, ”गंभीर चक्रवाती तूफान के बाद में थोड़ा पश्चिम और पश्चिम-दक्षिण दिशा में मुड़ने की संभावना है, जिससे 26 अक्टूबर के आसपास दक्षिणी ओडिशा में बारिश हो सकती है. हालांकि, तूफान के पहुंचने और हवा की गति के पूर्वानुमान अपरिर्वितत हैं.”

इस बीच, आईएमडी ने बृहस्पतिवार को सात जिलों – मयूरभंज, कटक, जाजपुर, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘लाल चेतावनी’ (कार्रवाई करें) जारी की है. इस अवधि के लिए पुरी, खुर्दा, नयागढ़ और ढेंकनाल सहित पांच जिलों में भारी बारिश के लिए ‘नारंगी चेतावनी’ (कार्रवाई करने के लिए तैयार रहें) जारी की गई है.

चक्रवात ‘दाना’: भुवनेश्वर में सामान्य जनजीवन प्रभावित; ट्रेन रद्द, उड़ानें निलंबित

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बृहस्पतिवार को सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा और कई लोगों ने चक्रवात ‘दाना’ के मद्देनजर घरों के अंदर ही रहना पसंद किया. यह चक्रवात राज्य के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है और इससे राज्य की लगभग आधी आबादी के प्रभावित होने का खतरा है. राज्य की राजधानी में वाहनों की आवाजाही कम देखी गई, जबकि शहर के बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बस र्टिमनल, हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन पर कुछ लोग देखे गए.

पूर्व तट रेलवे (ईसीओआर) द्वारा 203 ट्रेन रद्द किए जाने के कारण व्यस्त भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर कुछ ही यात्री देखे गए. कुछ पर्यटकों को स्टेशन में शरण लिये देखा गया. महाराष्ट्र के एक पर्यटक ने कहा, ”हम पुरी में जगन्नाथ मंदिर गए थे और ट्रेन से अपने घर लौटने वाले थे लेकिन, हमें संदेश मिला कि हमारी ट्रेन रद्द कर दी गई है. इसलिए हम यहां शरण लिये हुए हैं.” एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भुवनेश्वर हवाई अड्डे के अधिकारियों ने चक्रवात ‘दाना’ के मद्देनजर 24 अक्टूबर को शाम 5 बजे से 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजे तक उड़ान संचालन को निलंबित करने का फैसला किया है. अधिकारी ने कहा कि उड़ान 16 घंटे तक निलंबित रहने के दौरान, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की लगभग 40 उड़ानें प्रभावित होंगी, जिससे कई यात्रियों की यात्रा योजना बाधित होगी. राज्य सरकार ने 23 से 25 अक्टूबर तक भुवनेश्वर में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए हैं.

सरकारी कार्यालय, बैंक, दुकानें, मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे, लेकिन आम दिनों की तुलना में भीड़ कम रही. शहर में स्थित सरकारी ‘कैपिटल’ अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में भी दिन में “बहुत कम लोग” आए. भुवनेश्वर हवाई अड्डे के निदेशक प्रसन्ना प्रधान ने कहा, ”आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात बुधवार आधी रात को दस्तक देगा. मौसम विभाग ने भुवनेश्वर में तेज हवा और भारी बारिश का भी पूर्वानुमान जताया है, जो उड़ान संचालन के लिए सुरक्षित नहीं है.” भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवाती तूफान शुक्रवार की सुबह केंद्रपाड़ा जिले के भितरकनिका और भद्रक के धामरा के बीच टकराएगा और इस दौरान हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है.

मौसम कार्यालय ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भुवनेश्वर में 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से हवा चलने और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान भी जताया है. भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों ने भी चक्रवात से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था की हैं. बीएमसी ने अग्निशमन दल के साथ मिलकर शहर के कई निचले इलाकों से बारिश का पानी निकालने के लिए पंप तैनात किए हैं.

अधिकारियों ने कहा कि चक्रवात को देखते हुए शहर भर में कई जगहों पर ऊंचाई पर लगीं लाइट को भी उतार दिया गया है. बीएमसी मेयर सुलोचना दास ने कहा, ”एहतियाती उपाय के तौर पर हमने बुनियादी सुविधाओं के साथ 85 आश्रय गृह खोले हैं. हमें उम्मीद है कि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.”

By Yogesh Kumar Sahu