दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून आसियान और जी20 में उ. कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण पर जोर देंगे

सियोल: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक यियोल ने कहा है कि वह इंडोनेशिया तथा भारत में इस सप्ताह होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलनों में एकत्रित हो रहे विश्व नेताओं को उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने तथा हथियार कार्यक्रम के वित्त पोषण के लिए उसकी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की आवश्यकता के बारे में बताएंगे।

राष्ट्रपति यियोल मंगलवार से शुरू हो रही दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ (आसियान) की वार्षिक बैठकों के लिए जकार्ता की चार दिन की यात्रा करेंगे। शुक्रवार को वह दुनिया के अमीर और विकासशील देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली जाएंगे।
यून सुक यियोल ने सवालों के लिखित जवाब में कहा, ‘‘आगामी आसियान संबंधी शिखर सम्मेलन और जी20 शिखर सम्मेलन में, मेरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध है कि उत्तर कोरिया के मिसाइल उकसावों और परमाणु खतरों का दृढ़ता से जवाब दें तथा उसके परमाणु निरस्त्रीकरण पर निकटता से मिलकर काम करें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर वर्तमान में लागू संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को ईमानदारी से कार्यान्वित किया जाता है तो उत्तर कोरिया के सामूहिक विनाश के हथियारों के विकास के लिए वित्त पोषण को काफी हद तक रोका जा सकता है।’’ यून सुक यियोल ने कहा कि वह जी20 शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल ‘‘उत्तर कोरिया को क्रिप्टो करेंसी चुराने, कामगारों को विदेश भेजने, समुद्री परिवहन में मदद करने तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से रोकने की आवश्यकता’’ पर जोर देने के लिए करेंगे।

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की, जकार्ता में दक्षिण कोरिया-आसियान शिखर सम्मेलन, आसियान प्लस थ्री (दक्षिण कोरिया-जापान-चीन) शिखर सम्मेलन, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, अमेरिका, चीन तथा रूस समेत ंिहद-प्रशांत देशों की बैठक में भाग लेने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि वह जी20 शिखर सम्मेलन को मानवता के समक्ष आने वाली चुनौतियों को हल करने के लिए जी20 सहयोग का नेतृत्व करने के अवसर के रूप में देखते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button